सागर: ठीक 3 साल पहले एक के बाद एक 4 सिक्योरिटी गार्ड के मर्डर करने वाले सनकी सीरियल किलर को चौथे मामले में उम्रकैद की सजा हुई है. अन्य तीन मामलों में सीरियल किलर को पहले ही उम्र कैद की सजा हो चुकी है. सीरियल किलर शिव प्रसाद अगस्त 2022 में सुर्खियों में तब आया, जब उसने एक-एक करके सागर में 3 और फिर भोपाल में एक सिक्योरिटी गार्ड का मर्डर किया था. सीरियल किलर शिव प्रसाद का मर्डर का तरीका भी बड़ा बेरहम था. केजीएफ फिल्म के रॉकी की तरह शोहरत और पैसा कमाने शिव प्रसाद ने ये तरीका चुना था. हालांकि पुलिस को शिव प्रसाद को पकड़ने में पसीना आ गया था. भोपाल में सिक्योरिटी गार्ड को मारने के बाद शिव प्रसाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया था.
सिक्योरिटी गार्ड को बनाता था निशाना
साल 2022 के अगस्त में सागर में तब सनसनी फैल गई थी, जब 4 दिन के भीतर 3 सिक्योरिटी गार्ड की रात के अंधेरे में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. सागर पुलिस परेशान थी कि रात के अंधकार में बेरहमी से सिक्योरिटी गार्ड को निशाना बनाने वाला ये सीरियल किलर कौन है और ऐसी वारदातों को अंजाम क्यों दे रहा है. लाख कोशिश के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था, लेकिन तीसरे मर्डर के बाद वह गलती कर बैठा और सिक्योरिटी गार्ड का मोबाइल अपने साथ ले गया. इस वारदात के बाद उसने भोपाल में मार्बल फैक्ट्री के गार्ड को भी मौत के घाट उतारा, लेकिन मोबाइल के चलते आखिरकार पुलिस को सनकी सीरियल किलर शिव प्रसाद को पकड़ने में सफलता मिल गई.
अभियोजन ने की थी सजा ए मौत की मांग
जिला अभियोजन कार्यालय के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि “कोर्ट में अभियोजन ने सीरियल किलिंग के मामले में मामला प्रमाणित करते हुए आरोपी को सजा ए मौत की गुजारिश की थी. कोर्ट ने विचार के बाद आरोपी को उम्रकैद के साथ जुर्माना भी लगाया है. विशेष अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत सक्सेना की कोर्ट ने सीरियल किलर शिव प्रसाद उर्फ हल्कू धुर्वे को मंगल अहिरवार नाम के सिक्योरिटी गार्ड के मर्डर का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है.”
“इस मामले में शिवप्रसाद ने सिक्योरिटी गार्ड मंगल अहिरवार को सोते वक्त सिर में फावड़ा मारकर घायल कर दिया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. शिवप्रसाद ने सागर में 3 और भोपाल में 1 सिक्योरिटी गार्ड की हत्या की थी. वह सागर में एक धर्मशाला में रुकता था और रात के वक्त निकल कर सिक्योरिटी गार्ड को निशाना बनाता था. भोपाल और सागर के अन्य 3 मामलों में पहले ही उसे उम्र कैद की सजा मिल चुकी है.”
केजीएफ के रॉकी से था प्रभावित
सीरियल किलर शिव प्रसाद सागर के केसली विकासखंड के एक छोटे से गांव का रहने वाला था. उसने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि “उसने केजीएफ फिल्म देखी और वह रॉकी की तरह पैसा और शोहरत कमाना चाहता था. इसलिए उसने सीरियल किलिंग की वारदातों को अंजाम दिया. उसने लगातार वारदातों को इसलिए अंजाम दिया कि वह मीडिया की सुर्खियों में आ जाए और जल्द मशहूर हो जाए. गरीब आदिवासी परिवार का शिव प्रसाद गोवा और मुंबई जैसे शहरों में मजदूरी करता रहा है.”