हेलमेट नहीं, तो राइड नहीं: MP पुलिस भोपाल में 6 नवंबर से लागू करेगी सख्त नियम

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 6 नवंबर से बिना हेलमेट के टू-व्हीलर चलाना आपको महंगा पड़ सकता है। पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे राइडर और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट के इस्तेमाल को सख्ती से लागू करें।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नए नियम के मुताबिक, चार साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को सार्वजनिक जगहों पर टू-व्हीलर चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है। सिर्फ पगड़ी पहनने वाले सिखों को ही इससे छूट है। भोपाल ट्रैफिक पुलिस लोगों को इसके तैयार करने के लिए 23 अक्टूबर से 5 नवंबर तक 15 दिन का जागरूकता अभियान चला रही है। अभियान खत्म होने के बाद 6 नवंबर से नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसमें ट्रैफिक पुलिस शहर भर में कई जगहों पर सघन चेकिंग करेगी। इस दौरान बिना हेलमेटटू-व्हीलर चलाते पकड़े जाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

इतना ही नहीं, अफसरों को यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर वे नियम तोड़ने वालों को बिना जांच के जाने देंगे, तो उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देशय सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को कम करना और शहर की सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाना है।

चेकिंग अभियान के लिए खास प्रोटोकॉल तय किए
PTRI ने इस अभियान के लिए खास प्रोटोकॉल तय किए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि चेकिंग पॉइंट्स पर पर्याप्त स्टॉपर लगाए जाएंगे ताकि कोई भी बिना हेलमेट वाला राइडर सड़क से न निकले। पारदर्शिता के लिए ट्रैफिक पुलिस को सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी-वॉर्न और वेब कैमरों का इस्तेमाल करना होगा। सभी जुर्माने और कार्रवाई पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनों के जरिये की जाएंगी। आदतन नियम तोड़ने वालों की जानकारी सेक्शन 194-D के तहत लाइसेंस रद्द करने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के साथ शेयर की जाएगी। अगर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाले राइडर को बिना कार्रवाई के जाने देता है, तो वह अधिकारी खुद जिम्मेदार होगा। रोड एक्सीडेंट डेटा को ध्यान में रखते हुए, जिसमें उन इलाकों में रोड एक्सीडेंट का पैटर्न और फ्रीक्वेंसी भी शामिल है, समय-समय पर अलग-अलग जगहों पर चेकिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। हर दिन का एनफोर्समेंट डेटा PTRI हेडक्वार्टर भेजा जाना चाहिए।

पिछले साल रोड एक्सीडेंट में 13,661 लोगों ने गंवाई जान
PTRI डेटा के अनुसार, मध्य प्रदेश में 2024 में हुए 56,669 रोड एक्सीडेंट में 13,661 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ीं। इनमें से 53.8% मौतें टू-व्हीलर चलाने वालों की हुईं, और उनमें से 82% ने हेलमेट नहीं पहना था। अधिकारियों ने कहा कि अगर राइडर्स अच्छी क्वालिटी के हेलमेट पहनते तो इनमें से कई जानें बच सकती थीं।