मध्य प्रदेश में प्री मानसून ने एंट्री के साथ मचाई तबाही, गिरे घर-टॉवर, आकाशीय बिजली ने ली जान

शिवपुरी: मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में प्री मानसून की एंट्री हो गई है. 30 और 31 मई को कई जिलों में आंधी बारिश हुई. वहीं इस आफत की बारिश से नुकसान भी हुआ है. बात करें अगर शिवपुरी की तो, कोलारस अनुभाग के कई गांवों में शुक्रवार-शनिवार की रात आई आफत की आंधी ने कई गांवों को तहस-नहस कर दिया है. कुछ लोगों के आशियाने ढह गए तो कुछ लोगों की रोजी-रोटी का सहारा बने मवेशी काल के गाल में समा गए. वहीं भिंड में भी बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. यहां भी लोगों के आशियाने उजड़ गए. आंधी से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए फील्ड सर्वे शुरू कर दिया गया है.

बताते चलें शुक्रवार की शाम मौसम में अचानक परिवर्तन आया और पूरे जिले में बारिश, ओलावृष्टि व आंधी का दौर शुरू हो गया था. इसी क्रम में देर रात कोलारस क्षेत्र में ग्राम खरैह में एक मोबाइल टावर जमींदोज हो गया. इसके अलावा लाेगों की छत आंधी में उड़ गई. वहीं ठाठी में पीएम आवास ढह गए. बीजरी में मकानों को आंशिक क्षति पहुंचने के अलावा मुबारिकपुर में एक किसान की पांच बकरियां छत गिरने से मर गईं.

इसके अलावा भी सैंकड़ों ग्रामीणों को अलग-अलग गांवों में छोटा-बड़ा नुकसान हुआ. कई गांवों में लोगों के मकान ढह गए हैं. प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए प्रशासनिक अमला रविवार को फील्ड सर्वे करने के लिए उतर गया है. जल्द ही नुकसान का आंकलन करने के बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके अलावा क्षेत्र में 24 घंटे से गायब बिजली को बहाल करने के लिए विद्युत विभाग की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में लगी है. जल्द ही इलाकों में बिजली बहाल करने की कोशिश की जा रही है.

मामले में एसडीएम अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि “नुकसान का सर्वे शुरू हो गया है. इसके अलावा क्षेत्र में करीब 200 विद्युत पोल टूट गए थे, उन्हें सही करने में विद्युत वितरण कंपनी की टीम लगी हुई है. शाम तक सभी गांव में बिजली बहाल कर दी जाएगी. मकान और मवेशियों की नुकसानी में आरबीसी (6)(4) के प्रावधानों के अनुसान नियमानुसार नुकसान की भरपाई की जाएगी.”

इसी तरह भिंड में भी आफत की बारिश देखने मिली. भिंड में शुक्रवार को आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली से काफी नुकसान देखने मिला. अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए हैं. कहीं आकाशीय बिजली तो कहीं मकान क्षतिग्रस्त होने से किसी की मौत हुई तो कई घायल हुआ. लोगों के घर ढह गए. आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. साथ ही किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है.