MP Weather Update Today: पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम का मिजाज बदल गया है. मध्य प्रदेश के लिए तेज हवाओं, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. कई जिलों में 60 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है. ग्वालियर-चंबल संभाग में ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 34 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जो 9 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा. हाल ही में शिवपुरी, धार और झाबुआ में भारी बारिश दर्ज की गई. 11 अप्रैल से मौसम में और बदलाव आने की उम्मीद है, क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है.
मध्य प्रदेश में एक साथ बारिश-आंधी और ओलावृष्टि
मध्य प्रदेश में ऐसा लग रहा है मानो मॉनसून अप्रैल में ही आ गया हो. क्योंकि पूरे इलाके में लगातार बारिश, तूफान और ओलावृष्टि हो रही है. इस बीच मौसम विभाग ने बुधवार को कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है.
MP का आधा हिस्सा बारिश की चपेट में
मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भारत इस समय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के प्रभाव में है, जिसके कारण मौसम में व्यापक बदलाव आए हैं. विशेष रूप से मध्य प्रदेश में इस अचानक आए बदलाव से आधे से ज्यादा इलाका प्रभावित हुआ है. इस बेमौसम बारिश के कारण किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 34 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. विदिशा, राजगढ़, नीमच और सागर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है. वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है.
8 अप्रैल को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को विदिशा, राजगढ़, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है. वहीं, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना ज़िलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है.
मंगलवार को यहां हुई बारिश
मंगलवार को शिवपुरी, दतिया और झाबुआ जैसे इलाकों में बारिश हुई, जबकि रतलाम और भोपाल में धूल भरी आंधी ने रोजमर्रा की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया. हवा की रफ्तार 60 से 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई.
एक्टिव होगा नया सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिलसिला अभी थमा नहीं है. 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल और रीवा संभागों में मौसम की प्रतिकूल स्थितियां बनी रहेंगी. इसके अलावा 11 अप्रैल से हिमालयी क्षेत्र में एक नया मौसम सिस्टम एक्टिव होने वाला है, जिससे बदलाव आने की उम्मीद है.