बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में तैनात डीएफओ नेहा श्रीवास्तव के एक शिकायती पत्र से पूरे राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है. दरअसल उन्होंने बालाघाट से विधायक अनुभा मुंजारे पर 2-3 लाख रुपये मांगने और अभद्रता का आरोप लगाया है. इसके बाद से डीएफओ नेहा श्रीवास्तव सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं.
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में DFO नेहा श्रीवास्तव के एक शिकायती पत्र से पूरे एमपी की सियासत में भूचाल आ गया है. दरअसल, उन्होंने बालाघाट से विधायक अनुभा मुंजारे पर 2-3 लाख रुपए मांगने और अभद्रता का आरोप लगाया है. इसके बाद से डीएफओ नेहा श्रीवास्तव सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.
डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने विभाग को 18 अगस्त को एक चिट्ठी लिखी थी. इसके मुताबिक, 16 अगस्त 2025 को सार्वजनिक छुट्टी थी. ऐसे में बालाघाट के रेस्ट हाउस में करीब 4 बजे विधायक अनुभा मुंजारे ने सरकारी पद की आड़ में उन्हें बुलाया और 2-3 लाख रुपये की मांग की.
डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने विभाग को 18 अगस्त को एक चिट्ठी लिखी थी. इसके मुताबिक, 16 अगस्त 2025 को सार्वजनिक छुट्टी थी. ऐसे में बालाघाट के रेस्ट हाउस में करीब 4 बजे विधायक अनुभा मुंजारे ने सरकारी पद की आड़ में डीएफओ को बुलाया और दो-तीन लाख रुपए की मांग की.
आरोप है कि जब डीएफओ ने डिमांड पूरी नहीं की, तो विधायक ने गाली-गलौज करते हुए परिवार को टारगेट करने की धमकी दी. मध्य प्रदेश शासन के वन मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय दल गठित किया है.
नेहा श्रीवास्तव ने 2015 की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS) में 12वां स्थान हासिल किया. इसके बाद 29 अगस्त 2016 को वह DFO बनीं. बालाघाट से पहले वह शहडोल में पदस्थ थीं. वह 3 अगस्त 2021 से बालाघाट के उत्तर वन मंडल में DFO के पद पर तैनात हैं.
DFO नेहा श्रीवास्तव के पति भी डीएफओ हैं. उनके पति का नाम अधर गुप्ता है. वह भी 2016 बैच के ही अधिकारी हैं. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं. वह बालाघाट के दक्षिण वन मंडल के डीएफओ हैं.
डीएफओ नेहा श्रीवास्तव और उनके पति बालाघाट से पहले शहडोल में पोस्टेड थे. नेहा के पति अधर गुप्ता की इमेज मनमर्जी से काम करने अधिकारी और शराब के नशे में धुत रहने की है. यह बात शहडोल के कमिश्नर और कलेक्टर अपने पत्र में कह चुके हैं. वहीं नेहा पर भी शहडोल में पदस्थ रहते हुए अपने एक सीनियर अफसर के खिलाफ झूठी शिकायत करने का आरोप है.
भारतीय वन सेवा ऑफिसर बनने के लिए UPSC की परीक्षा देनी पड़ती है. सबसे पहले IAS वाली प्रिलिम्स परीक्षादेनी होती है.जो इस प्रिलिम्स को पास करते हैं वे अलग से होने वाली IFS की मेन्स परीक्षा में बैठते हैं. इस मेन्स में अंग्रेजी,सामान्य ज्ञान और चुने हुए दो विषयों के पेपर होते हैं. उसके बाद इंटरव्यू होता है.
बताते चलें कि भारतीय वन सेवा अफसर बनने के लिए UPSC की परीक्षा देनी पड़ती है. सबसे पहले IAS वाली प्रिलिम्स परीक्षा देनी होती है. जो प्रिलिम्स पास करते हैं, वे अलग से होने वाली IFS की मेन्स परीक्षा में बैठते हैं. इस मेन्स में अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान और चुने हुए दो विषयों के पेपर होते हैं. उसके बाद इंटरव्यू होता है.