मुजफ्फरनगर के वहलना में छह लेन फ्लाईओवर बनेगा, 419.47 करोड़ रुपये स्वीकृत

मुजफ्फरनगर। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने पोस्ट कर जानकारी दी है कि वहलना में 2.44 किमी फ्लाईओवर पास कर दिया गया है। इस पर काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

मेरठ-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग-58 स्थित वहलना बाईपास पर छह लेन फ्लाईओवर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने 419.47 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। फ्लाईओवर की कुल लंबाई 2.44 किमी होगी। यही नहीं, एलिवेटेड वायाडक्ट का 1.72 किमी तक निर्माण किया जाएगा।

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट में बजट की स्वीकृति की जानकारी शेयर की है। परियोजना का उद्देश्य ग्रेड जंक्शनों पर मुजफ्फरनगर शहर में प्रवेश करने/निकलने वाले वाहनों के कारण वहलना चौक के पास होने वाली रुकावटों को दूर करना है।

परियोजना में प्रमुख चौराहों पर ग्रेड-सेपरेटेड संरचनाएं, जंक्शनों का सुधार, क्रॉस-ड्रेनेज का चौड़ीकरण और सुरक्षित और बेहतर क्रॉसिंग सुनिश्चित करने के लिए स्लिप रोड का निर्माण भी शामिल है। परियोजना में दुर्घटना-संभावित स्थानों/ब्लैकस्पॉट पर अंडरपास (वीयूपी) भी शामिल किए गए हैं। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि छह लेन हाईवे को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। वहलना में फ्लाईओवर से जिले के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 58) पर सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए मेरठ से उत्तराखंड की सीमा तक लगभग 80 किमी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण, अंडरपास, एलीवेटेड निर्माण के लिए चार हजार करोड़ से अधिक के बजट का इंतजार है। वर्तमान में हाईवे पर 17 पुराने अंडरपास हैं लेकिन मेरठ से उत्तराखंड सीमा तक नई योजना के तहत 20 से 22 नए अंडरपास बनाए जाएंगे। राजमार्ग को छह लेन का बनाने की तैयारी है।

कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया ने हाईवे के (एलाइमेंट) की सर्वे रिपोर्ट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दी है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को भी अंतिम मूर्त दिया जा रहा है। कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया के परियोजना प्रमुख रामपाल सैनी ने बताया कि मेरठ एनएच 58 के विस्तारीकरण के लिए बनाए गए लगभग चार हजार करोड़ के बजट प्रस्ताव के अनुसार कार्य की डीपीआर बन रही है जिसको शीघ्र ही एनएचएआई के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजा जाएगा।