मुजफ्फरनगर में छात्रा बनी एक दिन की जिलाधिकारी, किया करप्शन पर वार

मुजफ्फरनगर में मिशन शक्ति 5 के तहत प्रशासन ने एक अनोखी पहल की, जिसमें 9वीं कक्षा की छात्रा मैत्री शर्मा को एक दिन के लिए जिलाधिकारी (डीएम) की जिम्मेदारी सौंपी गई. यह पहल छात्रों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से अवगत कराने और उन्हें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से की गई. छात्रा ने पूरे आत्मविश्वास के साथ डीएम की कुर्सी संभाली और अधिकारियों के साथ विभिन्न बैठकों में भाग लिया.

आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल का परिचय
मैत्री शर्मा ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत रोमांचक और शिक्षाप्रद रहा. उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाई और प्रशासनिक निर्णयों को समझने का प्रयास किया. छात्रा ने यह भी बताया कि भविष्य में उनका लक्ष्य IAS अधिकारी बनना है ताकि वे समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार को कम कर सकें और हर फरियादी की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर सकें.

ईमानदारी और प्रशासनिक सुधार की दिशा
एक दिन की जिलाधिकारी बनी मैत्री ने कहा कि आज भी नेताओं और अधिकारियों में ईमानदारी की कमी देखी जाती है, जिसे दूर करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने प्रशासनिक कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से सुझाव और मार्गदर्शन लिया. इस अनुभव के दौरान उन्होंने यह महसूस किया कि जनता की शिकायतों का सही समय पर समाधान करना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है.