मुजफ्फरनगर। रामराज क्षेत्र में ओवरलोड गन्ना ट्रकों व ट्रालों से हो रहे हादसे रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार शाम ओवरलोड और ओवरहाइट गन्ने से भरा एक अनियंत्रित ट्रक सड़क पर दौड़ता हुआ सामने से आ रही मुजफ्फरनगर-मवाना लाइन की प्राइवेट बस पर जा पलटा।
इससे बस पलट गई और आग लग गई। आसपास के लोगों ने साहस दिखाते हुए मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया और शीशे तोड़कर सवारियों को बाहर निकाला। हादसे में लगभग एक दर्जन यात्री घायल हो गए।
मीरापुर के मोहल्ला दक्षिणी मुश्तर्क निवासी चालक अरशद पुत्र युनुस गुरुवार की शाम मुजफ्फरनगर से बस लेकर मवाना जा रहा था। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। जब बस टिकौला मिल के निकट पहंची तो चालक ने सामने से आ रहे ओवरलोड व ओवर हाइट गन्ने से भरे अनियंत्रित ट्रक को देखकर बस रोक ली लेकिन जैसे ही ट्रक पास आया तो वह अनियंत्रित होकर बस पर पलट गया।
इससे बस सड़क किनारे खेत में पलट गई तथा बस में आग लग गई। आसपास के लोगों ने दौड़कर मिट्टी से आग बुझाई तथा शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से भाग गया।
हादसे में बस परिचालक मीरापुर निवासी साजिद तथा मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी कैफ, मेरठ के गांव सैनी निवासी महिला दिनेश्वरी, मुजफ्फरनगर निवासी अर्जुन, शाकिब, शान मोहम्मद, मवाना निवासी जुनैद, आदित्य, सीमा, रूबी समेत एक दर्जन यात्री घायल हो गए।
घायलों को एंबुलेंस की मदद से विभिन्न अस्पतालों में भिजवाया गया। रामराज इंस्पेक्टर रवेंद्र सिंह यादव ने हैड्रा मंगाकर बस को सीधी कराई तथा ट्रक को हटवाकर यातायात सुचारू करने का प्रयास किया।
लगातार हादसे, पुलिस की खामोशी पर उठे सवाल
रामराज में ओवरलोड वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। 15 नवंबर को गन्ना ट्रक कार पर पलटा था, जबकि बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिनों तक ट्रक पलटने की घटनाएं हुईं।
हैरानी की बात यह है कि बुधवार को जिस स्थान पर ट्रक पलटा था, गुरुवार को भी वहीं पर हादसा हुआ। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने अब तक किसी ओवरलोड वाहन पर कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि पुलिस की यह मूकदर्शक भूमिका किसी दिन भारी जनहानि का कारण बन सकती है।
एसडीएम का सख्त रुख, मिल प्रबंधन को चेतावनी
हादसे के बाद जानसठ एसडीएम राजकुमार भारती और नायब तहसीलदार अजय कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने टिकौला मिल के अधिकारी को जमकर फटकार लगाई और ओवरलोड वाहनों की रोकथाम न करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने शुक्रवार को मिल में गन्ना आपूर्ति करने वाले सभी ठेकेदारों को दफ्तर बुलाया है।