मुजफ्फरनगर। पुलिस ने फर्जी सीबीआई और कस्टम अधिकारी बनकर ठगी करने वाला प्रेमी युगल पकड़ा है। आरोपित 10वीं और 12वीं पास हैं, लेकिन ठगी के नए-नए तरीकों को खोजकर वारदात करता था।
प्रेमी युगल ने जिस युवती से पांच लाख रुपये ठगे हैं, उसे पहले बहन बनाया था। उसके बाद दोनों ने मिलकर उसे मोबाइल पर सीबीआई का फर्जी सर्च वारंट भेजकर डर दिखाया। इनके कब्जे से पुलिस ने फर्जी सर्च वारंट, दो लाख रुपये समेत डेबिट और क्रेडिट कार्ड बरामद किए हैं।
रविवार को पुलिस लाइन के सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि शाहपुर थाने पर हुजूरनगर निवासी युवती इकरा पुत्री हारून ने चार अप्रैल को उसके साथ मोज एप के जरिए व्हाट्सएप पर हिदायतुल्लाह खान नामक व्यक्ति से बातचीत हुई।
उसने फर्जी कस्टम अधिकारी, सीबीआई अधिकारी बनकर ब्लैकमेल किया और फर्जी सर्च वारंट दिखाकर उसके स्वजन से पांच लाख रुपये की वसूली की है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की। माेबाइल नंबर की लोकेशन एचं सर्विलांस की सहायता से रविवार प्रात: हजूरनगर मार्ग से प्रेमी युगल को गिरफ्तार किया गया।
युवती रोजी पुत्री मोहम्मद मकसूद निवासी हजरत निजामुद्दीन सराय काले खां, दिल्ली और उसके प्रेमी मंसूर अहमद पुत्र मनव्वर अली निवासी गांव शेखपुरा तुर्क पोस्ट जीतपुर पलड़ी, नगीना बिजनौर व हाल पता शाहदुल्ला जाब कॉलोनी एमबी रोड पोस्ट महरौली दक्षिणी, दिल्ली हैं।
युवती बेराेजगार है, जबकि उसका प्रेमी दिल्ली में ही सैलून की दुकान पर नौकरी करता था। युवती हाईस्कूल और आरोपित युवक इंटरमीडिएट पास है। ठगी की रकम में से दो लाख रुपये, डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड के अलावा फर्जी सर्च वारंट बरामद हुए हैं। शाहपुर पुलिस को एसएसपी ने साइबर ठगी का राजफाश करने पर 15 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।
इस तरह की थी ऑनलाइन ठगी
प्रेमी युगल रोजी व मंसूर का शाहपुर की इकरा से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संपर्क हुआ। ठगी की नीयत से आरोपित मंसूर ने इकरा को बहन बना लिया और बातचीत करने लगा। उसके स्वजन की हैसियत, काम-काज के बारे में सभी जानकारी जुटाई।
इसके बाद विश्वास में लेकर मंसूर ने इकरा को गिफ्ट भेज दिया। उसके बाद दूसरे नंबरों से इकरा को कॉल कर उसे फर्जी सीबीआई और कस्टम अधिकारी की आईडी दिखाने के साथ फर्जी सर्च वारंट तैयार भेजे थे।
इकरा व उसके स्वजन के विरुद्ध जांच होने एवं मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी। जांच एवं गिरफ्तारी से बचाने के लिए इकरा को ब्लैकमेल किया। कानून का डर दिखाने एवं धमका कर लगभग पांच लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में मंगवाए थे।
अमीर बनने की चाहत में बने अपराधी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपित युवती रोजी का पिता मोहम्मद मकसूद दिल्ली में ही टेलर्स का काम करता है, जबकि उसका प्रेमी मंसूर बिजनौर को छोड़कर दिल्ली में ही रहता है, कई वर्षों से सैलून की दुकान पर नौकरी करता है।
दोनों अमीर बनने की चाहत में अपराधी बन गए। अब तक 20 से अधिक लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। दोनों महिलाओं को निशाना बनाने के लिए इंटरनेट मीडिया पर उनकी तलाश करते हैं, फिर झांसे में लेकर वारदात को अंन्जाम देते हैं।