मुजफ्फरनगर से दिल्ली जा रहे किसान रोके गएः नुमाइश गेट पर पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे

मुजफ्फरनगर। इंडो-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में मुजफ्फरनगर से दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए रवाना हुए भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम को मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस ने शहर के नुमाइश कैंप गेट पर रोक दिया।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में शाह आलम के समर्थक और संगठन के पदाधिकारी मौके पर एकत्र हो गए और सड़क किनारे धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए थाना सिविल लाइन और खालापार पुलिस मौके पर तैनात रही।

50 किसान संगठनों के साथ धरना देने की प्लानिंग थी

जानकारी के अनुसार, हाल ही में गठित 50 किसान संगठनों के संयुक्त देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर इंडो-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन प्रस्तावित था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चौधरी शाह आलम अपने समर्थकों के साथ दिल्ली रवाना हो रहे थे, लेकिन जैसे ही उनका काफिला नुमाइश कैंप गेट पहुंचा, पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

पुलिस द्वारा रोके जाने की सूचना मिलते ही संगठन के कार्यकर्ता और किसान बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कुछ देर तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद धरना शुरू हो गया। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने चौधरी शाह आलम से वार्ता की। बातचीत के दौरान पुलिस ने उनका ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि उसे शासन तक भेजा जाएगा। इसके बाद माहौल शांत हुआ।

धरने को संबोधित करते हुए चौधरी शाह आलम ने कहा कि उनका आंदोलन किसानों और देश के आर्थिक हितों से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप है कि प्रस्तावित इंडो-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हितों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कांवड़ यात्रा चल रही है और लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।