मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर के मखियाली गांव में प्रदूषण को लेकर एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में गांव के भूजल और खेती पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को लेकर चिंताजनक दावे किए गए हैं। यह वीडियो कैंसर पीड़ित किसान जितेंद्र के परिवार के पलायन के बाद वायरल हुआ है।
मखियाली निवासी किसान रवि पंवार ने यह वीडियो बनाया है। इसमें वह खेत की सिंचाई करते समय ट्यूबवेल से निकलने वाले पानी को दिखा रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि ट्यूबवेल से निकलने के कुछ ही देर बाद पानी में झाग बनने लगता है और उसकी सतह पर तेल जैसी परत तैरने लगती है।
वीडियो में खेतों के किनारे फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा और काला पानी एक नाले में बहता हुआ भी दिखाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि यह प्रदूषित पानी धीरे-धीरे जमीन में रिस रहा है, जिससे भूजल दूषित हो रहा है और फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
रवि पंवार के अनुसार, यह नाला आगे चलकर यमुना नदी में मिलता है। उनका आरोप है कि इसी प्रकार का प्रदूषित पानी यमुना में पहुंचता है, जिसे बाद में फिल्टर करके दिल्ली में पीने के लिए आपूर्ति किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यमुना में दिखाई देने वाले झाग भी इसी रासायनिक युक्त पानी के कारण हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि मखियाली गांव में बढ़ती बीमारियों और कैंसर के मामलों के पीछे यह प्रदूषण एक प्रमुख कारण हो सकता है। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस वायरल वीडियो ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गांव के किसान जितेंद्र ने गंभीर बीमारी और प्रदूषण का आरोप लगाते हुए गांव छोड़ दिया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया था। अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले की गहन जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।