मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से कथित तौर पर लव जिहाद का मामला सामने आया है। मामला मुजफ्फरनगर के एक मुस्लिम युवक से जुड़ा हुआ है। उसने पश्चिम बंगाल की एक हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाया। इसके बाद उसे लेकर मुजफ्फरनगर पहुंच गया।
मुजफ्फरनगर में जब इस जोड़े को देखा तो वहां रखने से इनकार कर दिया। शरण न मिल पाने के बाद दोनों मेरठ पहुंचे। मेरठ के परतापुर में युवक लड़की के साथ किराए का कमरा ढूंढ़ रहा था। इसी दौरान पूछताछ में लोगों को शक हुआ। इसके बाद पकड़े जाने पर युवक ने अपना नाम नौशाद बताया। लड़की के पश्चिम बंगाल का होने की बात सामने आई। लोगों ने दोनों को पकड़ कर पुलिस के पास सौंपा। पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की है।
क्या है मामला?
मुजफ्फरनगर के कासवान शाहपुर निवासी नौशाद पुत्र इकबाल का ननिहाल पश्चिम बंगाल में है। वह वहां रहता था। इसी दौरान उसने एक हिंदू लड़की को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। इसके बाद उसने लड़की के साथ पश्चिम बंगाल छोड़ने का फैसला कर लिया। वह लड़की को लेकर अपने घर मुजफ्फरनगर पहुंचा। लड़की की पहचान का पता चलते ही वहां लोगों ने उसे शरण देने से मना कर दिया।
नौशाद इसके बाद निराश होकर मेरठ चला गया। मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के रिठानी भोपला मोड इलाके में कमरा ढूंढ़ रहा था। इसी दौरान लड़की और उसकी बातचीत को लेकर लोगों को शक हुआ। नौशाद उसे अपनी पत्नी बता रहा था।
लोगों ने पकड़ा तो सामने आया सच
नौशाद और लड़की को पकड़कर स्थानीय लोगों ने पूछताछ शुरू की। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। इसके बाद लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पूछताछ में पूरी कहानी सामने आ गई। नौशाद के पश्चिम बंगाल से युवती को लाए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। साथ ही, नौशाद से परतापुर थाने में पूछताछ की गई। लड़की को नारी निकेतन भेजा गया है।
बजरंग दल ने किया हंगामा
पश्चिम बंगाल की हिंदू युवती को फंसाकर लाने का मामला सामने आने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले में सामने आया है कि युवक ने युवती के फंसाकर घर से भगाया था। युवती अपने घर से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लेकर आई थी। बजरंग दल के कार्यकर्ता इसे लव जिहाद करार देते रहे।
पुलिस ने दी जानकारी
मेरठ पुलिस की सीओ सौम्या अस्थाना ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परतापुर थाना पुलिस को एक लड़का-लड़की के संदिग्ध परिस्थिति में मकान ढूंढ़ने की बात सामने आई। परतापुर के शताब्दी नगर में मामला सामने आने के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को कब्जे में लिया गया। पूछताछ के क्रम में पाया गया कि लड़के ने लड़की को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले से भगाया था। इस संबंध में वहां परिजनों की ओर से केस दर्ज कराया गया है।
सीओ ने बताया कि लड़का-लड़की 6 मई को पश्चिम बंगाल से गायब हुए थे। इसके बाद मुजफ्फरनगर आए। वहां से मेरठ पहुंचे। लड़की को नारी निकेतन भेजा गया है। लड़की के नाबालिग होने की भी बात सामने आई है। उसके परिजनों को मामले की सूचना दी गई है। अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।