मुजफ्फरनगर में सपा और इमाम संगठन ने की नीतीश कुमार की निंदा

मुजफ्फरनगर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में विवाद खड़ा हो गया है। यह घटना आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भी इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है, जहां राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने इसे महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।

समाजवादी पार्टी के मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष जिया चौधरी ने नीतीश कुमार के इस कृत्य को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ नेता से ऐसी असंवेदनशील हरकत की उम्मीद नहीं की जा सकती। चौधरी के अनुसार, मंच पर महिला का नकाब खींचना धर्म के आधार पर निजता का घोर उल्लंघन है। उन्होंने नीतीश कुमार से सार्वजनिक माफी मांगने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की।

उत्तर प्रदेश इमाम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती जुल्फिकार अली ने भी इस घटना पर गहरा अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शरीयत में किसी को महिला का हिजाब या नकाब हटाने का अधिकार नहीं है। मौलाना जुल्फिकार ने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि घूंघट और परदा महिलाओं के सम्मान का प्रतीक रहा है। उन्होंने इसे धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से निंदनीय बताते हुए नीतीश कुमार से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की। यह घटना 15 दिसंबर को पटना में हुई थी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नवनियुक्त आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन को नियुक्ति पत्र दे रहे थे, तभी उन्होंने उनका हिजाब खींचते हुए “ये क्या है?” कहा। इस घटना पर राजद, कांग्रेस और एआईएमआईएम जैसे विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया है। वहीं, जदयू ने मुख्यमंत्री के इस कृत्य को पिता जैसा स्नेह करार दिया है। देशभर में इस मामले पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और यह मुद्दा राजनीतिक व सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।