मुजफ्फरनगर। बेरोजगारी के आंकड़े अक्सर बहस में सुनने को मिलते हैं… लेकिन कभी-कभी एक तस्वीर ही हजार आंकड़ों पर भारी पड़ जाती है। ये दृश्य बिहार के मुजफ्फरपुर का है, जहां सिविल कोर्ट में चपरासी पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी।
परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से हजारों युवा पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही परीक्षा खत्म हुई, मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ऐसा नजारा देखने को मिला मानो कोई बड़ा मेला लगा हो।
स्टेशन पर चारों तरफ सिर्फ परीक्षार्थियों की भीड़… ट्रेन पकड़ने के लिए उमड़े युवाओं का सैलाब… और हर चेहरे पर एक ही सवाल — क्या इतनी पढ़ाई के बाद भी नौकरी की उम्मीद सिर्फ चपरासी पद तक ही रह गई है?
यह दृश्य सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि उस हकीकत का आईना भी है जहां लाखों युवा छोटी-सी नौकरी के लिए भी लंबी कतार में खड़े दिखाई देते हैं।
अब सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ एक परीक्षा का नजारा है… या फिर देश में बढ़ती बेरोजगारी की एक झलक?