मुजफ्फरनगर: खतौली में हाईवे अंडरपास और लिंक मार्ग की बदहाली से आमजन परेशान

मुजफ्फरनगर। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों (हाईवे) का जाल लगातार फैल रहा है। सरकार सड़क परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज़ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई स्थानों पर हाईवे के नीचे बने अंडरपास और हाईवे पर चढ़ने वाले लिंक मार्ग लोगों के लिए सुविधा के बजाए गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं।

खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इन अव्यवस्थित संरचनाओं के कारण आम नागरिक, किसान, छात्र, व्यापारी और वाहन चालक रोजाना भारी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। हाईवे निर्माण के दौरान अंडरपास का उद्देश्य यह होता है कि स्थानीय लोग बिना हाईवे पार किए सुरक्षित रूप से एक ओर से दूसरी ओर जा सके लेकिन कई जगहों पर ये अंडरपास योजना की खामियों और लापरवाही के कारण परेशानी का सबब बन गए हैं।

बुढाना रोड अंडरपास के समीप तो लिंक मार्ग का बुरा हाल है। सड़क पूरी तरह से टूट गई है। इस मार्ग से बुढाना की ओर से आने वाले वाहन इस मार्ग से हाईवे पर चढते हैं। जिससे कई बार हादसे होने का खतरा बना रहता है। अंडरपास में जल निकासी की व्यवस्था नहीं, कच्चे पड़े हैं लिंक मार्ग बरसात के मौसम में बुढाना रोड तिगांई रोड आदि के अधिकांश अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाते हैं। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी अंडरपास में भर जाता है, जिससे दोपहिया वाहन, साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों का निकलना लगभग असंभव हो जाता है। कई जगहों पर तो ट्रैक्टर और छोटे चारपहिया वाहन भी फंस जाते हैं।

भंगेला से लेकर नावला कोठी तक करीब 11 किलोमीटर के इस नेशनल हाईवे 58 पर 7 से 8 संपर्क मार्ग है, जो ग्रामीण क्षेत्रों को हाईवे से जोड़ते हैं। अधिकतर लिंक मार्ग कच्चे पड़े हुए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को हाईवे पर जाने के लिए बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाईवे के अंडरपास पर भी कई बार ओवरलोड वाहन फंस जाते हैं जिससे घंटों जाम में लोग फंसे रहते हैं। स्थानीय लोगों ने लिंक मार्ग को लेकर कई बार नेशनल हाईवे अथॉरिटी में शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। हाईवे पर जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है तो वाहनों को इन्हीं लिंक मार्ग के माध्यम से दूसरे रास्तों से निकाला जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में उन्हें कई किलोमीटर घूमकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।

अधिकांश अंडरपास में न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। शाम ढलते ही अंडरपास अंधेरे में डूब जाते हैं। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को डर के साए में गुजरना पड़ता है। कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। कई अंडरपास इतने संकरे और कम ऊंचाई वाले बनाए गए हैं कि बड़े वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली या एंबुलेंस तक नहीं निकल पातीं। किसान जब अपनी फसल लेकर मंडी जाते हैं तो उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन अंडरपास में फंस जाते हैं, जिससे घंटों जाम की स्थिति बन जाती है।

हाईवे पर चढ़ने वाले लिंक मार्गों की बदहाली हाईवे से जुड़ने वाले लिंक मार्ग किसी भी क्षेत्र की जीवन रेखा होते हैं। इन्हीं रास्तों से गांव, कस्बे और शहर हाईवे से जुड़ते हैं। लेकिन इन मार्गों की स्थिति भी बेहद खराब है।कई जगहों पर लिंक रोड आधे-अधूरे बने हुए हैं। कहीं सड़क अचानक खत्म हो जाती है, तो कहीं गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बरसात में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।हाईवे पर चढ़ने वाले कई लिंक मार्गों का डिजाइन अव्यवस्थित है। तीखे मोड़, अचानक ऊंचाई में बदलाव और संकरी सड़कें, हादसों को न्योता देती हैं। तेज रफ्तार हाईवे ट्रैफिक के बीच इन मार्गों से निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है। अधिकांश लिंक मार्गों पर न तो दिशा सूचक बोर्ड लगे हैं और न ही गति सीमा या चेतावनी संकेत।

नए वाहन चालकों को समझ ही नहीं आता कि कहां से हाईवे पर चढ़ना है और कहां उतरना है। इससे अक्सर गलत दिशा में वाहन चले जाते हैं और दुर्घटनाएं होती हैं। इन समस्याओं का सबसे ज़्यादा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। लिंक मार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार अंडरपास में पानी भरा होने के कारण वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। बुढाना मार्ग के खस्ता लिंक मार्ग होने जो वाहन गुजरते है कई बार वो खाई में पलट जाते है। हाईवे पर चढने के दौरान सडक उची होने से गाडियां गहरे गडढों में फंस जाती है।

हाईवे पर वाहन के चढते समय तेज गति से दौड रहे वाहन आपस में टकराने का खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा बुढाना मार्ग पर बने हाईवे अण्डर पास के नीचे से गुजरने वाले ओवर लोड वाहन फंस जाते है जिससे कई बार वाहनों का लम्बा जाम लग जाता है। कई बार वाहन चालकों में आपस में विवाद भी होता है। ऐसा ही हाल तिगांई से सरधन जाने वाले मार्ग पर बने अण्डर पास का है। बरसात के दिनों इस अण्डर पास के नीचे इतना पानी भर जाता है जिससे कई गांव के लोगों को बडी परेशानी उठानी पड रही है। बरसात के दिनों में किसानों को अधिक परेशानी का सामना करना पड रहा है।