मुजफ्फरनगर: 15 साल पुराने लूट और हत्या कांड में कोर्ट का फैसला, 4 दोषियों को फांसी की सजा

मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर में करीब 15 वर्ष पुराने चर्चित लूट और हत्या के मामले में मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी-थर्ड) ने शुक्रवार को चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 1.20-1.20 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का मानते हुए कठोरतम दंड दिया।

मामला 20 अगस्त 2011 का है। भौका रेहड़ी निवासी राज सिंह अपने दोस्त बिजेंद्र सिंह के साथ मोटरसाइकिल से शामली जनपद के कुड़ाना गांव स्थित अपनी बहन के घर जा रहे थे। रास्ते में कुड़ाना गांव से पहले हथियारबंद बदमाशों ने दोनों को रोक लिया। आरोपियों ने पहले लूटपाट की और फिर दोनों को पास के एक बाग में ले जाकर बेरहमी से पीटा। इसके बाद राज सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि बिजेंद्र सिंह के हाथ-पैर बांधकर उसे वहीं छोड़ दिया गया और उसका सामान भी लूट लिया गया।

1.20 लाख रुपये का जुर्माना
बिजेंद्र किसी तरह खुद को छुड़ाकर मुख्य सड़क तक पहुंचा और राहगीरों की मदद से घटना की सूचना परिजनों को दी। मृतक के भांजे राहुल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों अजित, अनिल, सुनील और सूरज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।cलंबी सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट-थर्ड के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने क्या कहा?
सरकारी अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में 12 गवाह पेश किए, जिनकी गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। उन्होंने कहा कि यह बेहद नृशंस अपराध था, जिसमें लूट के बाद योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर माना और चारों दोषियों को मृत्युदंड देने का आदेश दिया।