मुजफ्फरनगर: बहू के आरोप और बदनामी के बोझ तले टूटे इस्तेखार

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सोमवार (20 जनवरी) को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 55 साल के शख्स ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच में जुट गई है.

बताया जा रहा है कि मृतक के छोटे बेटे की बहू ने उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिससे वह बेहद आहत था और बदनामी के डर से उसने यह कदम उठाया. यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला हाजीपुर की है. यहां रहने वाले 55 साल के इस्तेखार नाम के शख्स ने सोमवार को अपने घर के पास स्थित रेलवे लाइन पर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी. जैसे ही आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली, इलाके में हड़कंप मच गया.

मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक इस्तेखार के छोटे बेटे राजा का कुछ समय पहले खतौली निवासी नाजमा के साथ निकाह हुआ था. शादी के कुछ ही दिनों बाद नाजमा ने अपने शौहर राजा पर तीन तलाक देने का आरोप लगाया. इसके साथ ही उसने सिविल लाइन थाने में अपने ससुर इस्तेखार पर भी छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया. इस मुकदमे के बाद से ही इस्तेखार समाज में बदनामी की वजह से मानसिक तनाव में रहने लगा थे. परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, इसकी वजह से वह डिप्रेशन में चले गये थे.

इन्हीं आरोपों और समाज में बदनामी के डर से इस्तेखार मानसिक रूप से टूट गए थे और फिर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाय. इस मामले को लेकर पुलिस भी हर पहलू से जांच में जुट गई है. सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि सोमवार शाम थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली थी कि इस्तेखार नाम के शख्स की ट्रेन के सामने आने से मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंचकर पंचायतनामा की कार्रवाई कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि अभी मौत की वजहों को लेकर कोई पुख्ता बात सामने नहीं आई है. पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

पड़ोसी मोहम्मद मुंतजिर ने बताया कि करीब दो साल पहले इस्तेखार के छोटे बेटे की शादी हुई थी. कुछ दिन पहले बहू अपने मायके चली गई थी. उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन पहले लड़की के घरवाले यहां आए थे और उसे अपने साथ ले गए. इसके बाद सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई और इस्तकार तथा उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया. इसमें छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं.

मोहम्मद मुंतजिर का कहना है कि यह सब गलत था और मोहल्ले का हर आदमी इसकी गवाही दे सकता है कि इस्तेखार ऐसा इंसान नहीं था. उनके मुताबिक, इस्तेखार को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था. उन्हें बार-बार फोन करके धमकियां दी जा रही थीं कि 30 लाख रुपये दो, नहीं तो पूरे परिवार को जेल भेजवा दिया जाएगा. बार-बार पुलिस की दबिश भी दिलवाई जा रही थी, जिससे वह बुरी तरह टूट गए थे.