मुजफ्फरनगर पुलिस ने 160 बदमाशों को किया लंगड़ा: पुलिस ने 188 दिन में किया ध्वस्त

मुजफ्फरनगर। योगी राज में अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच मुजफ्फरनगर के कप्तान वरिष्ठ आईपीएस संजय कुमार वर्मा ने अपने नेतृत्व का लोहा मनवाया है। अपराध, हथियारों की सप्लाई, मादक पदार्थों की तस्करी और गौकशी के मामलों में गोली का जवाब गोली से दिया गया। छह माह के कार्यकाल में तीन शातिर बदमाशों को ढेर और 160 को लंगड़ा कर कड़ा संदेश दिया गया।

मुजफ्फरनगर में अपराधियों की बेलगाम फौज पर काबू पाना हमेशा चुनौती रहा है। 7 मई 2024 को कप्तानी संभालते ही संजय वर्मा ने एसपी नगर सत्यनारायण प्रजापत, एसपी देहात आदित्य बंसल और एसपी क्राइम इंदू सिद्धार्थ के साथ अपराधियों के खिलाफ जंग छेड़ दी थी। हर बार जब बदमाश कानून की चुनौती देते, वर्मा की टीम ने संयम और सूझबूझ से उन्हें सबक सिखाया।

188 दिन में 160 बदमाश घायल

188 दिनों के दौरान मुठभेडों का नया रिकॉर्ड बना। हत्या, लूट, चोरी और गौकशी में शामिल अपराधियों को पुलिस ने खुलकर गोली का जवाब दिया। 127 मुठभेडों में 160 के करीब बदमाश लंगड़ा किए गए। दहशत के पर्याय बने एक लाख रुपये के ईनामी शाहरूख और नईम धोबी को मुठभेड में ढेर किया गया। तीसरे शातिर डकैत महताब को बुढाना में मिट्टी में मिला दिया गया।

हथियारों के सप्लायरों की तोड़ी कमर

एसएसपी संजय वर्मा के कार्यकाल में हथियारों की तस्करी करने वालों के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। उत्तराखंड और वेस्ट यूपी में पिस्टल और तमंचों की बिक्री करने वाले गैंग के चेहरे बेनकाब किए गए और 335 से अधिक आग उगलने वाले शस्त्र बरामद किए गए। कई शस्त्र फैक्ट्रियों को छापा मारकर बंद किया गया। गौकशी के मामलों में 28 अपराधियों को घायल कर जेल भेजा गया।

नशे के सौदागरों को आर्थिक चोट

ऑपरेशन सवेरा के तहत नशे के सौदागरों की आर्थिक कमर तोड़ी गई। उड़ीसा, झारखंड और उत्तराखंड से नशे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और 11 करोड़ से अधिक का नशा बरामद किया गया। 33 मुकदमों में 58 सौदागरों को गिरफ्तार किया गया।

हत्या की 100% घटनाओं का खुलासा

हत्या की 14 घटनाओं में कई अनसुलझी थीं। संजय वर्मा की पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर एक-एक हत्या का खुलासा किया और हत्यारोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया। इसमें पिता द्वारा बेटे और पत्नी द्वारा पति की हत्याएं भी शामिल हैं।