मुजफ्फरनगर: सतपाल उर्फ सत्तू के पुलिस ने खोले खौफनाक राज,10 से ज्यादा नाबालिगों को बनाया निशाना

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी केवल एक शातिर अपराधी ही नहीं, बल्कि एक साइको सीरियल रेपिस्ट था, जिसने फरवरी में लुधियाना जेल से फरार होने के बाद महज चार महीनों में 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाया।

सतपाल पर पुलिस के गंभीर खुलासे

पुलिस के अनुसार, आरोपी नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उन्हें कई दिनों तक बंधक बनाकर रखता था। इस दौरान उनके साथ क्रूरता और यौन शोषण किया जाता था। इन आरोपों की जांच जारी है।

अपहरण के बाद तेज हुई तलाश
पुलिस के मुताबिक, 19 जून को मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के अपहरण के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 विशेष टीमें गठित की गईं। करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी की पहचान चंडीगढ़ निवासी सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास और दुष्कर्म समेत 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।

मुठभेड़ के बाद कार से मिला संदिग्ध सामान
23 जून की रात पुलिस मुठभेड़ में सतपाल गोली लगने से घायल हो गया था। अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, उसकी कार की तलाशी में पिस्टल, अवैध तमंचा, कारतूस, फर्जी पहचान पत्र, मोबाइल फोन के अलावा हथकड़ी, कंडोम और हंटर जैसे सामान भी बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री आरोपी के अपराध के तरीके की ओर इशारा करती है।

फरवरी में जेल से हुआ था फरार
जांच में सामने आया है कि सतपाल करीब 15 वर्ष जेल में रहने के बाद फरवरी में लुधियाना जेल से फरार हो गया था। इसके बाद वह लगातार कई जिलों और राज्यों में पुलिस के रडार पर था। एसपी सिटी अमृत जैन के अनुसार, आरोपी बेहद खतरनाक प्रवृत्ति का अपराधी था और पुलिस उसके खिलाफ मिले सभी तथ्यों की विस्तृत जांच कर रही है।

गरीब परिवारों का भरोसा जीतकर करता था वारदात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सतपाल उन गरीब परिवारों से संपर्क बढ़ाता था, जहां नाबालिग लड़कियां होती थीं। आर्थिक मदद के बहाने परिवार का विश्वास जीतने के बाद वह लड़कियों को अपने साथ ले जाकर उनका यौन शोषण करता था। हालांकि पुलिस इन सभी मामलों के साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

पहले भी कई मामलों में आ चुका था नाम
सतपाल का नाम पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका था। वर्ष 2010 में मेरठ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उस समय उसने खुद को पंजाब की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलने वाला क्रिकेटर बताया था। पुलिस ने उसके छोटा राजन गैंग से संभावित संबंधों की भी जांच की थी।

जेल से छूटने के बाद उस पर अपनी पत्नी के प्रेमी की हत्या का आरोप भी लगा था। पुलिस के अनुसार, उसके आपराधिक रिकॉर्ड के चलते परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी।

परिजनों ने भी जताई नाराजगी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की मौत के बाद मुजफ्फरनगर पहुंचे उसके परिजनों ने भी उसके अपराधों पर नाराजगी जताई। बताया जा रहा है कि उन्होंने कहा कि सतपाल की वजह से परिवार वर्षों तक सामाजिक बदनामी और पुलिस कार्रवाई झेलता रहा। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।