नरेश टिकैत का कश्यप समाज पर विवादित बयान से मचा बवाल-जानें पूरा मामला

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Naresh Tikait के कश्यप समाज को लेकर दिए गए दो बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। यह बयान ऐसे समय सामने आए हैं जब नसीरपुर मारपीट मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ ही था। वीडियो सामने आने के बाद कश्यप समाज के लोगों ने इन टिप्पणियों को अपमानजनक बताते हुए नाराजगी जताई है।

तिरपड़ी पंचायत पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया बयान

जानकारी के अनुसार यह बयान उस समय दिए गए जब तिरपड़ी गांव में कश्यप समाज की ओर से एक पंचायत बुलाई गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए Naresh Tikait ने कहा कि “कश्यप समाज मजदूर तबका है, उन्हें अपनी हैसियत में रहना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने एक और टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर किसी को कुत्ता काट ले तो इलाज कराया जाता है, कुत्ते को काटा नहीं जाता।” इन दोनों बयानों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर साझा किए जा रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी नाराजगी

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कश्यप समाज के कई लोगों ने इन टिप्पणियों को जातिगत और अपमानजनक बताते हुए सवाल उठाए हैं।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में भाईचारे और सौहार्द को कमजोर करते हैं। वहीं समर्थकों का कहना है कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। फिलहाल इस विवाद ने सोशल मीडिया से निकलकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना दिया है।

नसीरपुर विवाद के बाद हुआ था समझौता

गौरतलब है कि नसीरपुर गांव में ठाकुर पूरन सिंह के परिवार और कश्यप समाज के बीच हुई मारपीट का मामला हाल ही में सुर्खियों में रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए सिसौली स्थित टिकैत आवास पर बैठक आयोजित की गई थी।

समझौते के बाद फिर भड़की बहस, बढ़ा तनाव

समझौते के एक दिन बाद ही टिकैत के बयान वायरल होने से पुराना विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। कश्यप समाज के कई लोगों ने इन टिप्पणियों को अपने सम्मान से जोड़ते हुए नाराजगी जताई है।

स्थानीय स्तर पर लोग इसे अनावश्यक विवाद बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील भी कर रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर जारी बहस ने इस मामले को फिर से संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस बयान पर आगे कोई स्पष्टीकरण आता है या नहीं और प्रशासन इस मामले को लेकर क्या रुख अपनाता है।