शामली। पानीपत से मौ. आजाद की बरात बिजनौर जा रही थी। शामली में कलक्ट्रेट के पास बाइक सवार एजेंटों ने रोक लिया। चालक पर डेढ़ लाख की किश्त बकाया होने की बात कही। उधर, लड़की वाले चिंतित होते रहे कि लड़का कहां रह गया।
शादी वाले घर की खुशियों के बीच बरात उस समय मुश्किल में फंस गई, जब दूल्हे की कार को फाइनेंस कंपनी के एजेंटों ने बकाया किश्त के कारण शामली कलक्ट्रेट के पास रोक लिया। करीब ढाई घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। आखिर काफी समझाने और आश्वासन के बाद कार को आगे जाने दिया गया। मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
पानीपत निवासी मौ. आजाद की शादी बिजनौर के ताजपुर गांव में तय हुई थी। बृहस्पतिवार को दूल्हा परिवारजनों और भाभी के साथ किराए पर ली गई कार से बरात लेकर जा रहा था। जैसे ही गाड़ी शामली कलक्ट्रेट के पास पहुंची, फाइनेंस कंपनी के बाइक सवार दो एजेंटों ने कार को घेर लिया और किश्त बकाया होने का हवाला देकर गाड़ी ले जाने की बात कहने लगे।
एजेंटों के अनुसार, चालक ने कार फाइनेंस पर ली थी और करीब डेढ़ लाख रुपये की किश्त बाकी चल रही थी। कई बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, इसलिए गाड़ी जब्त करने पहुंचे थे।
दूल्हे ने एजेंटों से कहा कि गाड़ी को उन्होंने आठ हजार रुपये किराये पर लिया है, और यदि बरात ही न पहुंचे तो शादी की पूरी तैयारी बिगड़ जाएगी। लेकिन एजेंट बिना किश्त के आश्वासन के कार छोड़ने को तैयार नहीं थे।
करीब ढाई घंटे की नोकझोंक और भीड़ जुटने के बाद आखिरकार दूल्हा और उसकी भाभी ने कार चालक से जल्द किश्त भरवाने का वादा किया। तब जाकर कार को जाने दिया गया। इस बीच सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। दूल्हा ने बताया कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि जिस गाड़ी से वह बरात ला रहा है वह फाइनेंस पर है और किश्त भी बकाया है। वह इस मामले की शिकायत पानीपत पुलिस से भी करेगा।