मुजफ्फरनगर में बिजली संकट, मंत्री ने अफसरों को फटकारा

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर शासन सख्त हो गया है। लगातार अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और फॉल्ट से परेशान जनता के विरोध प्रदर्शन के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। बिजली आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

उन्होंने जनपदभर से मिल रही शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भीषण गर्मी में जनता को राहत देना विभाग की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने लगातार हो रही विद्युत कटौती बंद कर सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पिछले कुछ दिनों से शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती के कारण जनता ने कई बार धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम किए थे।

इन विरोध प्रदर्शनों के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। मामला शासन तक पहुंचने के बाद अब अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की संभावना है।बैठक में फॉल्ट रिस्पॉन्स सिस्टम, ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ते लोड, जर्जर लाइनों और अघोषित कटौती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।