प्राइवेट लैब ने मुजफ्फरनगर में बिना अनुमति लगाया कैंप, 10 यूनिट ब्लड लेकर फरार

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में सहारनपुर की एक प्राइवेट लैब की टीम ने बिना किसी अनुमति के कुटेसरा गांव में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया। यह कैंप भारतीय किसान यूनियन के नेता सिद्धार्थ के आवास पर लगाया गया। कैंप में लगभग 10 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

ग्रामीणों ने जब टीम से जानकारी मांगी तो पता चला कि यह सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट टीम है। कैंप में आई 5 सदस्यीय टीम पूछताछ पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। टीम ने सिर्फ इतना कहा कि उनके पास परमिशन है। ग्रामीणों ने चेतावनी देकर टीम को वापस भेज दिया।

ग्रामीण एकत्र किए गए 10 यूनिट रक्त को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बाहरी टीम को ब्लड डोनेशन कैंप लगाने से पहले स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेना जरूरी है।

जिला अस्पताल को इस कैंप की कोई जानकारी नहीं थी। इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही अग्रिम कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी चल रही है। कैंप में एकत्र किए गए रक्त को जनहित में खराब होने से बचाने के लिए जिला ब्लड बैंक में जमा करवा दिया गया है।

इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना आयोजित होने वाले कैंपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने भी इस तरह की गतिविधियों पर नाराजगी जताई है और मांग की है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि रक्तदान जैसे संवेदनशील कार्यों में पारदर्शिता और नियमों का पालन जरूरी है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को और सतर्क कर दिया है। जांच के नतीजों के आधार पर प्राइवेट लैब और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। यह घटना अन्य जिलों के लिए भी एक चेतावनी है कि बिना अनुमति के इस तरह के कैंप गंभीर परिणाम भुगत सकते हैं।