मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर में पुलिस ने भाकियू अराजनैतिक के 400 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि मुजफ्फरनगर में कूड़ा माफिया और जिले में कूड़े से भरे ट्रक आने के विरोध में एसएसपी दफ्तर पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने धरना दिया था। इस दौरान जाम लग गया। धरना हटाने की कोशिश कर रही पुलिस से भाकियू नेताओं की कहासुनी हो गई। इस पर भाकियू की युवा शाखा के प्रदेशाध्यक्ष ने आवेश में आकर एसओ के हेकड़ी दिखाने का आरोप लगाते हुए वर्दी फाड़ने की धमकी दी थी।
रविवार को पुलिस ने वीडियो फुटेज और फोटो को बतौर सबूत आधार बनाया और भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी समेत करीब 400 कार्यकर्ताओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में थाना प्रभारी को धमकी देने, जाम लगाने समेत कई आरोप में गंभीर धारा लगाई गई हैं।
एसएसपी कार्यालय पर धरना
दरअसल, भाकियू अराजनैतिक के बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिले के उद्योगों में कूड़ा कचरा जलाने और अपने संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक को ट्रांसपोर्टर के रंगदार बताने के विरोध में एसएसपी कार्यालय पर धरना दिया था। इस दौरान माइक और बैनर भी लगा दिया गया था। धरना देने वाले वक्ताओं ने बैनर हटाने को कहने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार को वर्दी फाड़ने की धमकी दी थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।