मुजफ्फरनगर में ननद बनी कातिल: भतीजी को पानी की टंकी में डुबोकर मारा

मुजफ्फरनगर। जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव बसीकलां में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। अपने प्रेम संबंधों में बाधा बनने से नाराज एक युवती ने खौफनाक साजिश रचते हुए अपनी ही 4 वर्षीय मासूम भतीजी की हत्या कर दी और भाभी सहित परिवार के अन्य बच्चों पर जानलेवा हमला बोल दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज तीन घंटे के भीतर आरोपी युवती को गिरफ्तार कर इस वीभत्स कांड का पर्दाफाश कर दिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, 25 वर्षीय आरोपी युवती ‘माना’ का गांव के ही आदिल नामक युवक से पिछले दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रेमी कुछ समय पूर्व नौकरी के लिए चेन्नई चला गया था, जिससे माना फोन पर छिप-छिपकर बात करती थी। इसकी भनक उसकी बड़ी भाभी फिरदौस और अन्य परिजनों को लग गई थी। भाभी फिरदौस अक्सर उसे टोकती थी और फोन पर बात

करने पर पाबंदी लगा दी थी। इसी रंजिश में माना ने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। सोमवार की रात उसने बाजार से मंगवाई गई नींद की गोलियों को रात के खाने (चिकन) और दूध में मिला दिया। जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया, तो उसने मौत का खूनी खेल शुरू किया।

मासूम भतीजी की जल समाधि और भाभी पर हमला

आरोपी ननद ने सबसे पहले अपनी सोती हुई 4 वर्षीय भतीजी इसरा को उठाया और घर के आंगन में रखी पानी की टंकी में डाल दिया। मासूम शोर न मचा सके, इसके लिए उसने टंकी का ढक्कन मजबूती से बंद कर दिया, जिससे दम घुटने और डूबने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद माना ने रसोई से मीट काटने वाला बड़ा चाकू उठाया और कमरे में सो रही अपनी भाभी फिरदौस के पेट और शरीर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। चीख-पुकार सुनकर जब बच्चे शाद (9), आयशा (8) और नबिया (7) जागे, तो सिरफिरी ननद ने उन पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया।

बदमाशों के हमले की झूठी कहानी और पुलिस का एक्शन

वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से माना ने खुद शोर मचाना शुरू कर दिया और पड़ोसियों को कहानी सुनाई कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर हमला किया है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल और सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने जब घर की गहनता से तलाशी ली, तो पानी की टंकी के भीतर से मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ। एसएसपी संजय कुमार वर्मा को युवती के बयानों में विरोधाभास नजर आया। जब महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना चाकू और नशीली गोलियों के रैपर बरामद कर लिए हैं।

अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही भाभी

गंभीर रूप से घायल फिरदौस को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं अन्य तीनों बच्चे इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं। एसएसपी ने बताया कि थाना शाहपुर प्रभारी गजेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने महज 3 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर सराहनीय कार्य किया है। आरोपी माना को सुसंगत धाराओं में जेल भेजा जा रहा है। मामले में किसी अन्य की संलिप्तता की भी बारीकी से जांच की जा रही है।