कोर्ट ने SSP मुजफ्फरनगर पर लगाया जुर्माना-जानें पूरा मामला

ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में इंस्पेक्टर के गवाही देने न आने पर जिला जज मलखान सिंह ने एसएसपी मुजफ्फरनगर पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

जिला जज ने कहा कि एसएसपी मुजफ्फरनगर, एसएचओ सूरजपुर और कांस्टेबल मोहित कुमार ने जानबूझकर मामले को लटकाने की कोशिश की। उन्होंने इंस्पेक्टर को जुर्माना जमा करने और अगली सुनवाई 10 अक्टूबर तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया।

अदालत ने कहा कि सूरजपुर में दर्ज हत्या का मामला सबसे पुराने लंबित मामलों में से एक है। सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए समय-समय पर दिशानिर्देश जारी किए हैं।

इस मामले में इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा की गवाही जरूरी है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद आनंद देव मिश्रा अदालत में पेश नहीं हुए। ड्यूटी का हवाला देते हुए एसएसपी मुजफ्फरनगर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने का अनुरोध किया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए यह संभव नहीं हो सका।

जांच अधिकारी को घटनास्थल पर खून के धब्बे, मिट्टी के नमूने और शराब की बोतल व पानी की बोतल पर खून के धब्बे मिले। इन मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जांच संभव नहीं है। दिशानिर्देशों के बावजूद, एसएसपी बार-बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अनुरोध कर रहे हैं।

अदालत ने कहा कि एसएसपी, एसएचओ और कांस्टेबल आदेश की अनदेखी कर रहे हैं और उसका पालन नहीं कर रहे हैं। जिला न्यायाधीश मलखान सिंह ने एसएसपी पर 1,000 रुपये, एसएचओ सूरजपुर और कांस्टेबल मोहित कुमार पर 500 रुपये का जुर्माना लगाते हुए उन्हें अगली तारीख से पहले जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया। इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा को भी अगली तारीख पर अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया।