मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड पर नगर पालिका के एमआरएफ सेंटर के निकट नाले में गिरकर तीन साल की बच्ची की मौत हो गई। नाले में गिरने के लगभग डेढ़ घंटे बाद लोगों ने बालिका का शव तलाश कर बरामद किया।
खुले नाले को लेकर लोगों ने हंगामा किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालकर लोगों को शांत किया। नाला लगभग 500 मीटर से अधिक दूरी में खुला हुआ है, जिसे ढकने में पालिका ने लापरवाही कर रखी है।
नगर कोतवाली के रुड़की रोड पर नगर पालिका का एमआरएफ सेन्टर बना है। यहीं पर उत्तरी रामपुरी क्षेत्र में खाली पड़े प्लाटों में खानाबदोश परिवारों ने झुग्गी-झोपड़ियां डाल रखी है। जिनमें यह लोग परिवार समेत निवास करते हैं।
यहां से गुजर रहे नाले से लगभग 50 मीटर की दूरी पर खानाबदोस श्रमिक शिवा भी अपनी पत्नी व तीन बेटियों के साथ रहता है। सोमवार दोपहर लगभग दो बजे उसकी तीन साल की सबसे छोटी बेटी प्रियांशी खेल रही थी। सड़क किनारे खेल रही बच्ची का पैर फिसलने से उसके अंदर गिर गई। बच्ची लगभग डेढ़ घंटे तक नाले के अंदर पड़ी रही।
पिता शिवा समेत लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन नाले में पड़े कूड़े-कचरे में उसका एक हाथ दिखाई दिया। लगभग डेढ़ घंटे बाद साढ़े तीन बजे बच्ची को लोगों ने नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की मौत के बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने नगर पालिका पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाए।
कहा कि कई बार नाला ढकने की शिकायत दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बच्ची के पिता शिवा ने कहा कि वह गरीबर है, इसलिए उसकी पीड़ा का किसी पर असर नहीं पड़ेगा। उनकी समस्या और जरूरत कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। नाले के ऊपर एक जाल लगाने की गुहार लगाई गई थी। कहा कि खुले नाले के कारण बच्चे गिरते रहते हैं, जिन्हें स्वजन और राहगीर समय रहते बचा लेते हैं।
इससे पहले भी इसी तरह के हादसे आएं है। नगर कोतवाली प्रभारी ब्रजेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार प्रीति सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित स्वजन को हर संभव सहायता कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बच्ची के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। इस मामले में बच्ची के पिता शिवा ने नगर कोतवाली को हादसे की बाबत तहरीर दी है।