मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में केंद्र सरकार के यूजीसी इक्विटी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज का असंतोष सड़कों पर उतर आया है। सवर्ण समाज संघर्ष समिति (एस-4) के नेतृत्व में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को हिंदू समाज को बांटने की साजिश बताया और जमकर नारेबाजी की। सवर्ण समाज के लोग जुलूस के रूप में शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
नए प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी इक्विटी एक्ट उच्च शिक्षा में योग्यता आधारित व्यवस्था को कमजोर कर रहा है। इससे मेधावी छात्रों के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं और समाज में नए प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा मिल रहा है। सवर्ण समाज संघर्ष समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी के प्रस्तावित या लागू किए गए नियम उच्च शिक्षा तंत्र, सामाजिक संतुलन और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत हैं।
सवर्ण समाज से जुड़े व्यापारी संजय मिश्रा ने बताया कि यह कानून सवर्ण जाति के बच्चों का भविष्य खराब करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देगा।