मुजफ्फरनगर में कांवड़ रूट की दुकानों पर नाम लिखने का स्वागत किया

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और खाने-पीने की दुकानों पर मालिक और कर्मचारियों के नाम प्रदर्शित करने के शासन के निर्देश को लेकर मुजफ्फरनगर में ज्यादातर दुकानदारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। रविवार को दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कई प्रतिष्ठानों के संचालकों ने कहा कि उन्हें इस आदेश पर कोई आपत्ति नहीं है। शासन की ओर से जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा।

‘पहले से ही दुकान पर नाम लिखा है’

हाईवे स्थित एक होटल के संचालक मोहम्मद अरमान ने बताया कि उनकी दुकान पर पहले से ही नाम अंकित है। उन्होंने कहा कि पहचान छिपाने जैसी कोई बात नहीं है। यदि शासन ने पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए।

1 अगस्त से बंद हो जाएंगी दुकानें

मोहम्मद अरमान ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी दुकान 1 अगस्त से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और मार्ग बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही लगभग रुक जाती है, जिससे कारोबार प्रभावित होता है।

12 अगस्त के बाद फिर शुरू होगा संचालन

रेस्टोरेंट संचालक मोहम्मद खालिद ने भी कहा कि वे सरकार के निर्देशों का सम्मान करते हैं और आदेश का पूरी तरह पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका रेस्टोरेंट 1 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रहेगा। यात्रा समाप्त होने के बाद सामान्य रूप से संचालन फिर शुरू किया जाएगा।

‘यात्रा शांतिपूर्ण हो, इसमें सभी का सहयोग जरूरी’

दुकानदारों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सहयोग करना सभी की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि यदि इन व्यवस्थाओं से यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न होती है, तो ऐसे निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।