Delhi Blast Update: दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे गहरी होती जा रही है, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अल-फलाह यूनिर्विसिटी में आरोपी डॉ. शाहीन सईद के कमरा नंबर 22 से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. सईद 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए दिल्ली विस्फोट के आरोपियों में से एक है, जिसमें कम से कम 15 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे.
अल-फलाह यूनिर्विसिटी में शाहीन सईद को कमरा नंबर 22 दिया गया था, जो कभी एक आम कमरा हुआ करता थाय. अब दिल्ली विस्फोट की जांच का हिस्सा है. गुरुवार को, NIA सईद को परिसर में विभिन्न स्थानों पर ले गई- वह कमरा जहां वह रहती थी, उसका केबिन और वे कक्षाएं जहां वह पढ़ाती थी.
शाहीन के कमरे एक प्लास्टिक बैग में 18 लाख रुपये लिपटी हुए मिली, जो अलमारी के अंदर रखी हुई थी. जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सईद को इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से मिली. शाहीन सईद को आज अन्य आरोपियों मुजम्मिल शकील और अदील अहमद राथर के साथ अदालत में पेश किया गया.
शाहीन और अन्य आरोपियों ने नकद में कार खरीदी
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट मामले के सहआरोपी शाहीन सईद और मुजम्मिल शकील ने एक नई मारुति सुज़ुकी ब्रेजा खरीदी, जो उन बत्तीस कारों में से एक थी, जिन्हें विस्फोटक सामग्री ले जाने या बम पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा था.इसकी एक तस्वीर भी सामाने आई, जिसमें शाहीन और शकील 25 सितंबर को एक शोरूम में अपनी नई सिल्वर रंग की कार के साथ पोज देते हुए दिखाई दे रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, दोनों ने कार का भुगतान नकद में किया था. हरियाणा में HR 87U 9988 के नाम से पंजीकृत ब्रेजा कार, हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के परिसर में खड़ी पाई गई.
प्रेमियों की आतंकी साजिश
दो असफल शादियों के बाद, शाहीन की मुलाकात यूनिर्विसिटी में एक कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल शकील से हुई. रोजाना की मुलाकाते, कॉलेज में साथ काम करना और समान पेशे होने से उनका रिश्ता और मजबूत हुआ. पूछताछ के दौरान, शकील ने खुलासा किया कि दोनों ने सितंबर 2023 में अल-फलाह यूनिर्विसिटी के पास एक मस्जिद में शादी की थी, जिसमें शकील ने लगभग 6,000 रुपये का महर (इस्लामिक विवाह में दूल्हे की ओर से दुल्हन को दिया जाने वाला एक अनिवार्य उपहार) दिया था. दोनों एक जोड़े की तरह रहने लगे और इसी दौरान शाहीन का परिचय छात्र समूहों से हुआ और वह धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने लगा.
इन मुलाकातों के दौरान, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला शाखा, जमात-उल-मोमिनात की सदस्यों ने उससे संपर्क किया, जिन्होंने, जांच एजेंसियों के अनुसार, शाहीन को कट्टरपंथ और आतंकवादी विचारधारा का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया.
अपनी मेडिकल पहचान का इस्तेमाल करके, शाहीन ने जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के बीच यात्रा करना शुरू कर दिया, धन हस्तांतरण और संदेश पहुंचाने में मदद की. शाहीन सईद को कथित तौर पर जमात-उल-मोमिनात की भारत शाखा का प्रभार सौंपा गया था, जिसका नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर पाकिस्तान में करती है.