नए साल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा देने वाली है। दरअसल, सरकार SWAMIH-2 फंड की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रही है और जल्द ही इसको चालू कर दिया जाएगा ताकि अटकी पड़ी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अंतिम चरण का फंड उपलब्ध कराया जा सके। इस 15,000 करोड़ रुपये के फंड शुरू होने से करीब एक लाख मध्यमवर्गीय मकान खरीदारों को राहत मिलेगी।
जल्द ही मंजूरी
ये वो लोग हैं जिनके निवेश, अपार्टमेंट के लिए ऋणों की ईएमआई (समान मासिक किस्त) का भुगतान करने के बावजूद अटके हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि नए फंड के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। यह फंड व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं को अंतिम चरण का वित्त पोषण प्रदान करेगा और अटकी हाउसिंग परियोजनाओं में निवेश को गति देगा। यह योजना खरीदारों का भरोसा बढ़ाएगी, रियल एस्टेट सेक्टर में लिक्विडिटी बढ़ाएगी और कुल मिलाकर हाउसिंग मार्केट की स्थिरता को सपोर्ट करेगी।
2019 में हुई थी लॉन्चिंग
बता दें कि केंद्र ने नवंबर 2019 में देश में अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ‘किफायती और मध्यम आय वाले आवास के लिए विशेष व्यवस्था’ (स्वामी) नाम से एक कोष की घोषणा की थी। रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण वित्तपोषण प्रदान करने हेतु एक वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) के रूप में एक स्पेशल विंडो बनाई गई। इस फंड का मैनेजमेंट भारतीय स्टेट बैंक समूह की कंपनी एसबीआईकैप वेंचर्स लिमिटेड करती है। वहीं, फंड के प्रायोजक वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव हैं।
SWAMIH फंड-1 के तहत स्ट्रेस्ड हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में 55,000 से ज्यादा घरों का काम पूरा हो चुका है और इसका लक्ष्य अगले 3-4 सालों में 30,000 और घर डिलीवर करना है। फिलहाल, इस फंड में लगभग 30 इन्वेस्टमेंट प्रोफेशनल्स हैं, जिन्हें इंडस्ट्री में औसतन 15 साल का अनुभव है।