Maldives News: बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ, नेपाल में सत्ता बदल गई जबकि पाकिस्तान में काफी संख्या में लोग सड़कों पर है. इसी बीच मालदीव से एक बड़ी खबर आई है. वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. राजधानी माले की सड़कों पर भारी विद्रोह कर रहे हैं, पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया, इसी दौरान झड़प हुई और 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
मालदीव सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह और पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद भी सड़कों पर उतर आए. उन्होंने लूट बंद करो के नारे लगाए और सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप के साथ-साथ बढ़ती कीमतों और मीडिया को दबाने का आरोप लगाया.
क्या बोले प्रदर्शनकारी
MDP ने कहा कि कम से कम छह प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और पुलिस की प्रतिक्रिया को हिंसक और असंगत बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की. जबकि पार्टी अध्यक्ष ने इन गिरफ्तारियों की निंदा की और कहा कि सरकार की कार्रवाई संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है. हालांकि मुइज़्ज़ू प्रशासन ने पुलिस की बर्बरता के आरोपों को खारिज कर दिया. गृह सुरक्षा और प्रौद्योगिकी मंत्री अली इहुसान ने एक्स पर एक फ़ुटेज साझा किया जिसमें दावा किया गया कि प्रदर्शनकारियों ने एक ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी से जबरन उनका सामान छीन लिया.
सरकार ने जारी किया बयान
इसके अलावा मालदीव सरकार ने अपने बयान में शांतिपूर्ण सभा के अधिकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन जोर देकर कहा कि शुक्रवार की रैली ने सभा की स्वतंत्रता अधिनियम का उल्लंघन किया. उसने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित मार्ग का उल्लंघन किया और माले की सबसे व्यस्त सड़क, मजीदी मागु में जबरन घुस गए, सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित किया, पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और कानून प्रवर्तन कर्तव्यों में बाधा डाली.
देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी, एमडीपी का कहना है कि मुइज़्ज़ू सरकार ने लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को कमज़ोर किया है और भ्रष्टाचार को आर्थिक संकट को और गहरा करने दिया है. साथ ही कहा कि ये विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक प्रशासन जवाबदेही और पारदर्शिता बहाल नहीं कर देता.