ईरान पर भी एयरस्ट्राइक…? कुछ भी कर सकते हैं ट्रंप, खुले हैं सभी ऑप्शन; व्हाइट हाउस से आया बड़ा बयान

america iran tension: अमेरिका ईरान के साथ किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार रखे हुए है. व्हाइट हाउस यह संदेश देना चाहता है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो अमेरिका पीछे हटने वाला नहीं है. जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, जिसमें एयरस्ट्राइक जैसे कदम शामिल हैं. लेकिन साथ ही यह भी साफ किया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध को पहली पसंद नहीं मानते हैं. वह पहले बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालना चाहते हैं. अमेरिका की कोशिश है कि दबाव और बातचीत, दोनों को साथ लेकर चला जाए, ताकि बिना लड़ाई के समस्या सुलझाई जा सके. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति हर स्थिति में ऑप्शन खुले रखते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी भी कदम से पीछे नहीं हटते हैं.

तनाव कम करना चाहता है ईरान
लेविट का कहना था कि ईरान बाहर की दुनिया के सामने जो बयान दे रहा है, वह उसकी असली सोच को पूरी तरह नहीं दिखाता. सार्वजनिक रूप से ईरान कड़ा और टकराव वाला रुख दिखा रहा है. लेकिन पर्दे के पीछे, यानी निजी बातचीत या संदेशों में, ईरान की भाषा अलग है. इन निजी संदेशों में तनाव कम करने या बातचीत की इच्छा के संकेत मिल रहे हैं. अमेरिका इन्हीं संकेतों को समझने और परखने की कोशिश कर रहा है, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके. राष्ट्रपति ट्रंप इन निजी संकेतों को गंभीरता से ले रहे हैं और उन्हें समझने की कोशिश कर रहे हैं. इसी वजह से फिलहाल बातचीत को प्राथमिक रास्ता माना जा रहा है.

व्हाइट हाउस ने यह भी दोहराया कि राष्ट्रपति ट्रंप जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत के इस्तेमाल से नहीं डरते हैं. लेविट ने कहा कि यह बात ईरान भी अच्छी तरह जानता है. अमेरिका का मानना है कि मजबूत रुख दिखाना जरूरी है, ताकि हालात काबू में रहें. इसी बीच, लेविट ने यह भी पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से गुरुवार को मुलाकात करेंगे, हालांकि इस पर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है.

सैकड़ों लोगों की मौत, हजारों लोग गिरफ्तार
उधर, ईरान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. कई प्रांतों में बड़े प्रदर्शन देखे गए हैं. इनमें अजरबैजान प्रांत और अराक शहर शामिल हैं. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, लोग सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रहे हैं और झंडे लहरा रहे हैं. ये प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट और शासन के खिलाफ गुस्से की वजह से हो रहे हैं. मानवाधिकार एजेंसियों का दावा है कि अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

ईरान ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि देश की सेना पूरी तरह तैयार है. उन्होंने साफ किया कि किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा. बघाई ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति के पीछे विदेशी दखल है. उनका कहना है कि अमेरिका और इजरायल के बयानों से हालात और भड़के हैं. ईरान का दावा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है.