SIR Controversy: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखे आरोप लगाते हुए कई विवादित बयान दिए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है. कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. उनका कहना है कि यह प्रक्रिया घुसपैठियों को हटाने के नाम पर चलाई गई, लेकिन इसका असर स्थानीय बंगाली हिंदुओं पर पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुस्लिम वोट काटना चाहती थी, लेकिन उल्टा हिंदू वोट कट गए.
चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना
टीएमसी सांसद ने भारत के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उस पर भाजपा के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया. साथ ही अमित शाह और केंद्र सरकार की रणनीति को लेकर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की और कहा कि बंगाल में यह चाणक्यगिरी नहीं चलेगी. अपने बयान में कल्याण बनर्जी ने कई आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है. उन्होंने जय श्रीराम नारे पर तंज कसते हुए मिमिक्री भी की और केंद्र सरकार के नेताओं पर तीखा हमला बोला.
ओवैसी और UCC पर भी बयान
TMC सांसद ने ओवैसी को ‘वोट कटवा’ बताते हुए आरोप लगाया कि वे मुस्लिम समाज के लिए ठोस काम नहीं करते. वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) पर उन्होंने कहा कि भाजपा में इसे लागू करने की हिम्मत नहीं है और यह धार्मिक अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है. कल्याण बनर्जी ने चेतावनी दी कि SIR के मुद्दे पर जनता जवाब देगी और आने वाले चुनावों में इसका असर दिखेगा.
उन्होंने कहा कि TMC और ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी. बता दें कि कल्याण बनर्जी के इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. SIR प्रक्रिया, वोटर लिस्ट और धार्मिक-राजनीतिक मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच आने वाले चुनावों में यह मुद्दा अहम भूमिका निभा सकता है.