भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व भले ही अभी इस साल अप्रैल में होने वाली पांच विधानसभाओं के चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंके हुए है, लेकिन उसकी संगठनात्मक तैयारी वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी शुरू हो गई है। इसके लिए संगठन स्तर पर व्यापक फीडबैक लिया जा रहा है। भावी संगठनात्मक ढांचे को उसी के अनुरूप तैयार किया जाएगा। यह इसलिए भी अहम है, क्योंकि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के चुनाव भी वर्ष 2027 में होने हैं।
इससे पहले भाजपा के सामने अभी अप्रैल में होने वाले पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु एवं पद्दुचेरी के विधानसभा चुनाव हैं, जिसमें उसने पूरी ताकत झोंकी हुई है। चूंकि भाजपा की संगठनात्मक तैयारी दीर्घावधि की होती है इसलिए उसने अभी से यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा और गुजरात से चुनावी फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। संगठन के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का विधिवत चुनाव भी इसी माह हो जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ही नए अध्यक्ष होंगे, इसलिए उनके नेतृत्व में चुनाव वाले राज्यों की संगठनात्मक तैयारी होंगी।
चुनावी लिहाज से नई टीम
सूत्रों के अनुसार, इन राज्यों में बनाए जा रहे नए संगठन में भी इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि चुनावी दृष्टि से किस तरह का ढांचा तैयार किया जाए। गुजरात के चुनाव तो अगले साल दिसंबर में होंगे, लेकिन उसके पहले फरवरी में होने वाले उत्तर प्रदेश समेत पांच विधानसभाओं के चुनाव अहम हैं। उत्तर प्रदेश के नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद वहां पर नई टीम एवं संभावित मंत्रिमंडल विस्तार भी चुनावी लिहाज से होना है।
पंजाब को लेकर अलग तरह की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन भी अपने दौरों में चुनाव वाले राज्यों पर ज्यादा फोकस करेंगे और इन राज्यों से जुड़े मसलों को प्राथमिकता से देखेंगे। पंजाब को लेकर भाजपा की तैयारी अलग तरह की रहेगी, क्योंकि वहां पर पार्टी की सरकार नहीं है। बाकी राज्यों में अपनी सरकार होने से भाजपा को सत्ता बरकरार रखने के लिए मेहनत करनी होगी।