CBSE की नई तैयारी… स्कूल में ही छात्रों को मिलेगी NEET, IIT JEE, CUET जैसी परीक्षाओं की Coaching!

Center for Advanced Studies: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से स्कूलों में सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (CAS) की स्थापना की जा सकती है जिसके लिए सिफारिश की गई है. यहां पर मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत कई बड़े एंट्रेंस एग्जाम के लिए पहले ही स्कूल के छात्रों को गाइडेंस दी जा सकती है. इस पहल से शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि कोचिंग की निर्भरता को कम किया जा सकेगा. इसके लिए सीबीएसई नया रोडमैप तैयार करने की प्लानिंग कर रहा है.

दरअसल, CBSE की एक विशेषज्ञ समिति की ओर से सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज को शुरू करने की सिफारिश की है. लगातार कोचिंग की निर्भरता को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति मंथन कर रही है. शिक्षा मंत्रालय की हाई लेवल कमेटी की ओर से स्कूली शिक्षा को कमतर आंकने की समस्या का समाधान निकालते हुए इंजीनियरिंग, मेडिकल जैसे दूसरे बड़े एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने के लिए छात्रों को गाइडेंस देने वाले कोचिंग क्लास को शुरू करने की सिफारिश की है. स्कूल में ही सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज खोलने के लिए कहा है जिससे बच्चे बड़े एंट्रेंस की तैयारी स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही कर सकेंगे.

स्कूल में ही सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज

ऐसा माना जा रहा है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से शिक्षा मंत्रालय की हाई लेवल कमेटी द्वारा की गई सिफारिश को पूरा किया जा सकता है. सीबीएसई के मौजूदा संबद्ध स्कूल में एडवांस स्टडीज की शुरुआत करने की आज्ञा दे सकते हैं. ऐस में स्कूल कैंपस ही एडवांस स्टडीज का केंद्र बन सकता है. CAS में स्कूल के टाइम के दौरान ही पढ़ाया जाएगा.

क्या हर किसी के लिए जरूरी होगा CAS में पढ़ाई करना?

अगर स्कूलों में सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज की शुरुआत होती है तो ऐसा जरूरी नहीं है कि सभी छात्रों को क्लास लेनी पड़े. यहां छात्र अपनी मर्जी से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. छात्र के पास पूरी आजादी होगी कि वो सीएएस से बाहर निकल सकते हैं और स्टैंडर्ड पढ़ाई को छोड़कर नियमित स्कूली शिक्षा ही हासिल कर सकते हैं. CAS के लिए किसी कोचिंग संस्थान के साथ किसी तरह का कोई समझौता नहीं होगा. इसके लिए अलग से दूसरे टीचर्स होंगे जो छात्रों को एडवांस स्टडीज करवाएंगे.