पहाड़ों को चीरकर चीन ने बनाया अजूबा, 7 घंटे का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में

China Longest Expressway Tunnel: चीन ने शिनजियांग में 22.13 किलोमीटर लंबी दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे टनल खोल दी है. तियानशान पर्वतों के नीचे बनी इस टनल ने घंटों का पहाड़ी सफर महज 20 मिनट में बदल दिया है. यह परियोजना चीन की इंजीनियरिंग क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर ताकत का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है.

दुनिया की सबसे कठिन भौगोलिक चुनौतियों में गिने जाने वाले तियानशान पर्वत श्रृंखला के बीच से चीन ने शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर दिया है. इसे देखकर इंजीनियरिंग भी हैरान है और दुनिया भी. 2500 किलोमीटर तक फैले ऊंचे और दुर्गम पहाड़ों के नीचे से गुजरने वाली 22.13 किलोमीटर लंबी एक्सप्रेसवे टनल को चीन ने दुनिया की सबसे लंबी टनल बताया है. यह टनल सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि तकनीक, ताकत और रणनीति का प्रतीक बनकर उभरी है.

चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित यह तियानशान शेंगली टनल अब उस सफर को आसान बना रही है, जो पहले लोगों के लिए डर और धैर्य की परीक्षा हुआ करता था. पहाड़ों को काटकर, चट्टानों को भेदते हुए बनी इस टनल ने कई घंटों की कठिन पहाड़ी यात्रा को महज 20 मिनट में बदल दिया है. इस स्टोरी में दिखने वाली हर तस्वीर इस बात की गवाही देती है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि एक आधुनिक चमत्कार है.

इस टनल के शुरू होने से पहले तियानशान पर्वतों को पार करना बेहद चुनौतीपूर्ण था. बर्फबारी, भूस्खलन और खतरनाक मोड़ों के कारण सफर घंटों लंबा हो जाता था. अब यही रास्ता हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे के जरिए सीधा, सुरक्षित और तेज हो गया है. तस्वीरों में नजर आने वाली चौड़ी लेन, अत्याधुनिक लाइटिंग और वेंटिलेशन सिस्टम दिखाता है कि यह टनल सिर्फ लंबी नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत है.

चीन कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी के चेयरमैन सॉन्ग हाइलियांग के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे टनल होने के साथ-साथ हाईवे टनल में सबसे गहरी वर्टिकल शाफ्ट भी रखती है. इस परियोजना ने वैश्विक स्तर पर नए बेंचमार्क सेट किए हैं. तस्वीरें दिखाती हैं कि किस तरह सालों की मेहनत और आधुनिक मशीनों से पहाड़ों के भीतर यह रास्ता बनाया गया.

यह टनल G0711 उरूमकी–युली एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा है, जो अब पूरी तरह चालू हो चुका है. यह एक्सप्रेसवे उत्तरी और दक्षिणी शिनजियांग के शहरों को जोड़ने वाली बड़ी परिवहन धुरी के तौर पर देखा जा रहा है. तस्वीरों में दिखने वाले लंबे फ्लाईओवर, इंटरचेंज और सुरंगें इस बात का संकेत हैं कि चीन इस इलाके को लॉजिस्टिक और आर्थिक हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

तियानशान पर्वत श्रृंखला उरूमकी और कोरला जैसे बड़े शहरों के बीच प्राकृतिक दीवार की तरह खड़ी थी. पहले यह सफर करीब सात घंटे का होता था, जो अब घटकर लगभग तीन घंटे रह गया है. एक्सप्रेसवे सिर्फ समय ही नहीं बचाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आपूर्ति श्रृंखला को भी नई रफ्तार देगा.

324.7 किलोमीटर लंबी इस एक्सप्रेसवे परियोजना को पांच साल में पूरा किया गया और इसमें करीब 46.7 अरब युआन का निवेश हुआ. यह आंकड़ा ही इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि चीन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी ताकत के तौर पर देखता है. तस्वीरें इस विशाल प्रोजेक्ट की भव्यता दिखाती हैं और सवाल छोड़ जाती हैं यह इंजीनियरिंग है या वाकई कोई जादू?