Attacked on Nagar Baul James concert: इन दिनों बांग्लादेश हिंसा के दौर से गुजर रहा है. हिंदू युवक दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की बेरहमी से हत्या के बाद से वहां तनाव है. इस बीच 26 दिसंबर देर रात मशहूर बांग्लादेशी रॉक गायक और गीतकार नागर बाउल जेम्स के कॉन्सर्ट पर हमला हुआ है, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. पल भर में वहां पूरा माहौल बदल गया. तोड़फोड़ की गई. हालात इतने बिगड़ गए कि जेम्स किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकले और कॉन्सर्ट को रद्द करना पड़ा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 26 दिसंबर को फरीदपुर जिला स्कूल की 185वीं वर्षगांठ का मौका था. इस अवसर पर मशहूर बांग्लादेशी रॉक गायक और गीतकार नागर बाउल जेम्स का वहां कॉन्सर्ट होना था. इवेंट की पूरी तैयारी थी, लेकिन एक लोकल कट्टरपंथी समूह ने वेन्यू पर हमला कर दिया. स्टेज पर तोड़फोड़ हुई. लोग इधर-उधर भारते नजर आए.
ईंट और पत्थरों से हुआ हमला
बताया जा रहा है कि इस कॉन्सर्ट में शामिल होने के लिए हजारों स्टूडेंट आए थे. स्कूल के कैंपस में रात करीब 9 बजकर 30 मिनट पर जेम्स स्टेज पर आने वाले थे, लेकिन इसके पहले ही हमला हुआ. हमलावरों ने स्टेज पर पत्थर और ईंटें फेंकी. देखते ही देखते कॉन्टर्स हिंसा का मैदान बन गया.
20 से 25 लोग घायल
बाहरी लोगों ने स्टेज पर चढ़ने की कोशिश की, जब सिक्टोरियी वालों ने उन्हें रोका तो ग्रुप हिंसक हो गया. इस दौरान कम से कम 20 से 25 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों और चश्मदीदों के मुताबिक घायलों में अधिकतर स्कूल के स्टूटेंड हैं. लोगों को हाथ-पैर में चोटे आई हैं. घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, जिसने बाद में हालात पर काबू किया.
आखिर किसने किया हमला?
हमला किसने किया ये अब तक साफ नहीं हो पाया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हमलावर म्यूजिक और कल्चरल फेस्टिवल के आयोजन का विरोध कर रहे थे. ऐसे इवेंट्स को रोकने की मांग कर रहे थे.
लोगों ने बताई सरकार की नाकामी
इस हमले की सोशल मीडिया पर कड़ी निंदा हो रही है. बांग्लादेश के लोग कह रहे हैं कि ‘ये घटना सिर्फ एक कॉन्सर्ट पर हमला नहीं थी, बल्कि यह बांग्लादेश की संस्कृति, अभिव्यक्ति की आजादी और कला पर सीधा हमला है. जब एक कलाकार को मंच छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम की नाकामी को दिखाता है. यह सवाल उठता है कि क्या अब बांग्लादेश में संगीत, साहित्य और कला के लिए कोई सुरक्षित जगह बची है.’
‘कितनी शर्म की बात है.’
सैफुर रहमान नाम के एक यूजर ने घटना की निंदा करते हुए एक्स पर लिखा ‘मशहूर बांग्लादेशी रॉक आइकॉन जेम्स, फरीदपुर जिला स्कूल के एनिवर्सरी कॉन्सर्ट में परफॉर्म करने वाले थे, दुख की बात है कि इस इवेंट पर एक लोकल एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप ने हमला कर दिया, जिससे बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ हुई. कल्चर और आर्टिस्टिक आजादी के लिए एक बड़ा झटका. यह पूरी तरह से शर्म की बात है और बांग्लादेश सरकार हमारी आर्ट और कल्चर को बचाने में नाकाम रही है, कितनी शर्म की बात है.’
कौन हैं नागर बाउल जेम्स?
जिन नागर बाउल जेम्स के कॉन्सर्ट पर हमला हुआ है, वो बांग्लादेश के फेमस रॉक सिंगर्स में से एक हैं. उनका असली नाम फरहाद वहीद जेम्स है. उन्हें ‘नगर बाउल’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने पारंपरिक बाउल संगीत को मॉडर्न रॉक के साथ जोड़कर शहरी युवाओं के बीच खास पहचान बनाई. जेम्स के गाने आम लोगों की भावनाओं, संघर्ष और सामाजिक सच्चाइयों को दर्शाते हैं.
बॉलीवुड में भी कमाया नाम
जेम्स ने 1980 के दशक में करियर की शुरुआत की थी. वो अपने बैंड Nagar Baul (Feelings) के साथ 1980 से जुड़े हैं. उनकी आवाज दर्द और रॉ इमोशन से लबरेज है, जो सीधा दिल को छूती है. भारत में भी जेम्स फेमस हैं. बॉलीवुड की फिल्म Gangster का सुपरहिट गाना ‘Bheegi Bheegi’ उनकी आवाज में ही था, जिसने उन्हें भारत में मशहूर किया. जेम्स ‘वो लम्हे’ और ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ जैसी फिल्मों में भी गाने गा चुके हैं.