दीपावली से पहले किसानों की बल्ले-बल्ले: सरकार ने गेहूं समेत छह फसलों के MSP में की भारी बढ़ोतरी

नई दिल्ली: दीपावली से पहले केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में विपणन वर्ष 2026-27 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दी गई है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। इसके तहत गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-सरसों और कुसुम के एमएसपी में वृद्धि की गई है।

गेहूं का नया MSP
पिछले वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे अब बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह 6.59 प्रतिशत की वृद्धि है। इस बढ़ोतरी से किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

अन्य फसलों का नया समर्थन मूल्य
एमएसपी में सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम के लिए की गई है, जिसमें 600 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इसके बाद मसूर के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए गए हैं। चना के एमएसपी में 225 रुपये प्रति क्विंटल, रेपसीड और सरसों के लिए 250 रुपये प्रति क्विंटल और जौ के लिए 170 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

New MSP दरें इस प्रकार हैं-
जौ: 1,980 रुपये से बढ़कर 2,150 रुपये प्रति क्विंटल
चना: 5,650 रुपये से बढ़कर 5,875 रुपये प्रति क्विंटल
मसूर: 6,700 रुपये से बढ़कर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल
रेपसीड और सरसों: 5,950 रुपये से बढ़कर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल
कुसुम: 5,940 रुपये से बढ़कर 6,540 रुपये प्रति क्विंटल
गेहूं: 2,425 रुपये से बढ़कर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल

गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड लक्ष्य
गेहूं रबी की सबसे प्रमुख फसल है, जिसकी बुवाई अक्टूबर से शुरू होकर मार्च में कटाई होती है। इसके बाद अप्रैल से विपणन वर्ष की शुरुआत होती है और जून तक अधिकतर खरीदारी पूरी हो जाती है। सरकार ने 2025-26 के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 11.9 करोड़ टन रखा है, जो अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य है।