द‍िल्‍ली-NCR छोड़ो, इन शहरों में डबल होने वाला है प्रॉपर्टी का रेट; फटाफट लगा दो पैसा!

Realestate News in Delhi: देश के छोटे और म‍िड लेवल के शहरों में अब रियलएस्टेट का नया सुनहरा दौर शुरू होने वाला है. स्‍केवयर यार्ड्स की नई रिपोर्ट ‘Realty’s Next Growth Engines: Tier-2, Tier-3 Markets in Focus’ के अनुसार सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने वाली पॉल‍िसी टियर-2 और टियर-3 शहरों में जमीन की कीमत अगले दो से चार साल में 25% से 100% तक उछल सकती हैं. बड़े शहरों में व‍िकास हो चुका है, इसलिए डेवलपमेंट अब ग्रोइंग शहरों की तरफ मुड़ रहा है. इन शहरों में नौकर‍ियों के नए मौके, बेहतर सड़कें और इंडस्ट्रियल हब बन रहे हैं.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया क‍ि देश का रेजिडेंशियल रियलएस्टेट सेक्टर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. सरकार की तरफ से 12.2 लाख करोड़ का पब्लिक कैप‍िटल एक्सपेंडिचर प्लान किया गया है. इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार बढ़ोतरी और आर्थिक स्थिरता पर फोकस है. बजट 2026 में घोषित बड़े निवेश, जैसे अर्बन चैलेंज फंड और सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) प्रोजेक्ट्स, टियर-2 और टियर-3 स‍िटी में इंडस्‍ट्र‍ियल और कमर्शियल संभावनाएं खोल रही हैं. इससे रेजिडेंशियल सेगमेंट में नई ड‍िमांड बन रही है. जानकारों का कहना है कि इस इनवेस्‍टमेंट न केवल जमीन की कीमतें बढ़ेंगी, बल्कि संतुलित शहरी विकास को भी बढ़ावा म‍िलेगा.

इन शहरों में आएगा सबसे ज्यादा उछाल
रिपोर्ट के अनुसार भुवनेश्वर, कटक, इरोड, पुरी, वाराणसी और विशाखापत्तनम जैसे शहरों को आने वाले समय में रियल एस्टेट का असली ग्रोथ सेंटर बताया गया है. इन शहरों में नए हाउसिंग डिमांड कॉरिडोर बन रहे हैं. यहां नए एम्प्लॉयमेंट हब, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनने से लैंड मार्केट तेजी से रिएक्ट कर रहा है. जमीन की कीमतें हाउसिंग से ज्यादा तेज बढ़ती हैं, खासकर जब नई कनेक्टिविटी आती है.

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से बढ़ते हैं जमीन के दाम
रिपोर्ट में इन शहरों के मौजूदा लैंड रेट्स भी दिए गए हैं. उदाहरण के ल‍िये भुवनेश्‍वर में 4,000-8,000 रुपये प्रति वर्ग फीट, पुरी में 5,500-10,500 रुपये वर्ग फीट तक का रेट है. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जमीन की कीमत पर तुरंत असर पड़ता है. मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर से 1 किमी के दायरे में प्रॉपर्टी 8-25% प्रीमियम पर बि‍कती है, जबकि प्रोजेक्ट पूरा होने पर 15-40% तक बढ़ोतरी हो सकती है. एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट और भी शानदार रिटर्न देते हैं.

मल्टी-ईयर अप्रिशिएशन संभव
इन एर‍िया को घोषणा से लेकर पूरा होने तक प्रभावित इलाकों में 30-70% तक कीमत में बढ़ोतरी होती है. हाई-ग्रोथ पेरिफेरल एर‍िया में प्लॉटेड डेवलपमेंट्स और लैंड पार्सल्स में 80-100% से ज्यादा की मल्टी-ईयर अप्रिशिएशन संभव है. इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब्स से भी 20-60% ग्रोथ की उम्मीद है. इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट नए इलाकों में फैल रहा है. ऐसे में हाउसिंग डिमांड रोजगार के साथ आएगी. इससे नए शहरों में होम ओनरशिप के मौके बढ़ेंगे और शहरी विकास संतुलित होगा.