क्रिकेट के मैदान में जब एक ‘टर्बिनेटर’ अपनी फिरकी छोड़ता है तो बड़े-बड़े सूरमाओं के पैर उखड़ जाते हैं. लेकिन इस बार पिच क्रिकेट की नहीं बल्कि राजनीति की है और हाथ में गेंद नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर दागा गया एक ऐसा बारूद है जिसने पंजाब से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों को हिलाकर रख दिया है.
बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह पर अपनी ही पुरानी पार्टी के वफादार ‘गद्दार’ होने का ठप्पा लगाते हैं. अब जवाब में भज्जी ने एक ऐसा पलटवार किया जो सीधे पार्टी के सबसे बड़े ‘सच’ और शुचिता के दावों पर सवाल खड़े करता है. हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुद को ‘गद्दार’ कहे जाने पर सीधे आप के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया है कि पंजाब की राज्यसभा सीटें भारी-भरकम रकम लेकर बेची गई थीं.
हरभजन सिंह (भज्जी) ने विरोधी ट्रोलर्स और पार्टी कार्यकर्ताओं को खुली चुनौती दी है कि यदि उनके लोगों ने सच नहीं उगला तो वे खुद जनता के सामने इस बात का पर्दाफाश करेंगे कि राज्यसभा टिकट के बदले किसको कितना चढ़ावा और किसकी तरफ से गया था. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक की सियासत में भूचाल आ गया है.
गद्दार के टैग पर भज्जी का पलटवार
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर देवेंदर यादव नाम के एक आप कार्यकर्ता ने हरभजन सिंह को ‘गद्दार’ बताते हुए सीधे निशाना साधा. पोस्ट में हरभजन सिंह से तीखा सवाल पूछा गया था कि, “जिस नेता को आप दिन-रात गाली देते हैं, उसकी दी हुई राज्यसभा सीट से आपने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? भाजपा में जाने की आपकी क्या मजबूरी थी?” इसके साथ ही सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह पर करोड़ों रुपये की बोली लगाए जाने के आरोप भी मढ़े गए.
इन आरोपों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन सिंह ने पलटवार किया और लिखा, “समय आने पर तुम्हारे एक-एक शब्द का जवाब दिया जाएगा. मैंने तुम्हारे किसी नेता को गाली नहीं दी है. मैं अपनी जुबान क्यों गंदी करूं?”
लूट और चढ़ावे का सनसनीखेज आरोप
इसके आगे हरभजन सिंह ने जो लिखा, उसने आम आदमी पार्टी की राजनीतिक शुचिता के दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. भज्जी ने सीधे तौर पर आप के टिकट वितरण और पंजाब सरकार के कामकाज को भ्रष्टाचार के घेरे में लेते हुए लिखा:
मुझे गद्दार कहने वालों, पहले अपने लोगों से पूछो कि पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची गई थी. अगर वो ना बताएं तो मैं बताऊंगा कि किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से गया था. पंजाब को लूटने और ‘लाला’ तक माल पहुंचाने के लिए कैसे किसको मंत्री-संतरी (या चौकीदार) बनाया गया. पंजाब को लूटा और खाया गया है.
हरभजन के आरोपों की 5 बड़ी बातें सीटों की सौदेबाजी: हरभजन सिंह ने खुला आरोप लगाया है कि पंजाब कोटे की राज्यसभा सीटें बेची गई थीं. चढ़ावे का कच्चा चिट्ठा: उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरी जानकारी है कि टिकट के लिए किसे, कितना और किसकी तरफ से पैसा दिया गया था. ‘लाला’ को डिलीवरी: भज्जी ने आरोप लगाया कि पंजाब को लूटकर सारा माल ‘लाला’ (नेतृत्व के करीबियों) तक पहुंचाया जा रहा है. मंत्रियों की नियुक्ति पर सवाल: पंजाब कैबिनेट में मंत्रियों और संतरियों की नियुक्तियों को भी भ्रष्टाचार और लेन-देन से प्रेरित बताया. इस्तीफे पर चुप्पी: ‘आप’ कार्यकर्ता के राज्यसभा सीट न छोड़ने और गद्दारी करने के आरोपों पर भज्जी ने जुबान गंदी न करने की बात कहकर कड़ा रुख अपनाया.