ईरान संघर्ष लंबा चला तो भारत को 5 बड़े खतरे, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चेताया

Sanjay Malhotra on Iran War: आरबीआई (RBI) की एमपीसी में गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अमेरिका-ईरान संघर्ष (दो हफ्ते का सीजफायर) को इंड‍ियन इकोनॉमी के ल‍िए बड़ा खतरा बताया है. उन्‍होंने बताया क‍ि मार्च के महीने में दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ने से हालात ब‍िगड़े. लेक‍िन इससे पहले देश की मैक्रोइकॉनॉमिक स‍िचुएशन फास्‍ट ग्रोथ और कम महंगाई के साथ अच्‍छी थी. आरबीआई गवर्नर ने बताया क‍ि क‍ि देश की इकोनॉमी पहले के मुकाबले मजबूत है. इकोनॉमी में क‍िसी भी प्रकार के झटकों को झेलने की क्षमता बढ़ी है. यद‍ि वेस्‍ट एश‍ि या का संघर्ष लंबा चला तो ग्रोथ के अनुमान पर न‍िगेट‍िव असर पड़ेगा. उन्होंने साफ क‍िया क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट बंद होने से एनर्जी और दूसरी चीजों की सप्‍लाई पर असर पड़ा है.

ईरान जंग से भारत के ल‍िए 5 जोख‍िम
क्रूड ऑयल की महंगाई से इम्‍पोर्ट होने वाली चीजों के दाम बढ़ेंगे और करंट अकाउंट डेफ‍िस‍िट (CAD) बढ़ेगा.

एनर्जी मार्केट, फर्टीलाइजर और बाकी चीजों की सप्‍लाई में द‍िक्‍कत से इंडस्‍ट्री, एग्रीकल्‍चर और सर्व‍िस सेक्‍टर प्रभाव‍ित होगा. इससे घरेलू प्रोडक्‍शन घटने का खतरा है.

आरबीआई गवर्नर ने बताया-बढ़ती अन‍िश्‍च‍ितता के बीच तीसरा र‍िस्‍क यह है क‍ि सेफ इनवेस्‍टमेंट की मांग बढ़ने से घरेलू ल‍िक्‍व‍िड‍िटी, इकोनॉम‍िक एक्‍शन और इनवेस्‍टमेंट पर असर आएगा.

ग्‍लोबल ग्रोथ में कमी आएगी, दुन‍ियाभर की ग्रोथ में कमी आने से एक्‍सपोर्ट कम होगा और व‍िदेश से आना वाला पैसा घट सकता है.

ग्‍लोबल फाइनेंश‍ियल मार्केट का असर, विदेशी बाजार के न‍िगेट‍िव असर से घरेलू फाइनेंश‍ियल कंडीशन सख्त होंगी और लोन लेने की लागत भी बढ़ेगी.

गवर्नर की तरफ से चेतावनी दी गई क‍ि शुरुआत में सप्‍लाई चेन को लेकर शुरू हुआ संकट आने वाले समय में सुधार नहीं होने से ड‍िमांड क्राइस‍िस में बदल सकता है.

ग्रोथ के अनुमान पर असर
आरबीआई (RBI) ने फाइनेंश‍ियल ईयर 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.6% रखी है. लेकिन फाइनेंश‍ियल ईयर 2026-27 में इसके 6.9% रहने का अनुमान है. मौजूदा व‍ित्‍तीय वर्ष की तिमाहियों में ग्रोथ रेट को लेकर न‍िम्‍नल‍िख‍ित अनुमान जताया गया है.

पहली तिमाही: 6.8%

दूसरी तिमाही: 6.7%

तीसरी तिमाही: 7%

चौथी तिमाही: 7.2%

मल्होत्रा ने कहा कि एनर्जी की दाम और होर्मुज में इनपुट की कमी से 2026-27 में डेवलपमेंट प्रभाव‍ित होगा. हालांकि, सर्व‍िस सेक्‍टर की मजबूती, जीएसटी सुधार का असर, बैंक और कंपनियों की हेल्‍दी बैलेंस शीट, सरकार की डोमेस्‍ट‍िक मैन्‍युफैक्‍चर‍िंग पर फोकस से पॉज‍िट‍िव सपोर्ट मिल रहा है.