अगर सूख जाए धरती का सिर्फ एक चौथाई पानी तो मचेगा विनाश का तांडव और फिर…

Water On Earth: अगर धरती का एक चौथाई पानी अचानक से सूख जाए, तो दुनिया में भारी संकट खड़ा हो जाएगा. न केवल पीने का पानी खत्म होगा, बल्कि मौसम, समुद्र,कृषि और जीव-जंतुओं पर भी बड़ा खतरा आ जाएगा. यह स्थिति पूरी मानव जाति को तबाह कर सकती है. आगे जानिए इसके डरावने असर…

Water On Earth: पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई यानी 75% हिस्सा पानी से ढका हुआ है. यही पानी हमारे ग्रह पर जीवन का आधार है. अगर किसी बड़ी वजह के कारण धरती का एक-चौथाई पानी यानी कुल उपलब्ध पानी का एक तिहाई हिस्सा सूख जाए, तो इसके परिणाम मानव जाति, पर्यावरण और हमारे धरती के मौसम के लिए बहुत खतरनाक और विनाशकारी होंगे. यह सिर्फ थोड़ी-बहुत सूखे की समस्या नहीं होगी, बल्कि यह एक विश्व स्तर पर महाविनाश की स्थिति पैदा कर देगी.

महासागरों और समुद्री जीवन पर तुरंत असर
अगर धरती का इतना बड़ा हिस्सा लगभग एक चौथाई पानी सूख गया, तो इसका सबसे बड़ा और तेज असर महासागरों पर पड़ेगा क्योंकि पृथ्वी का ज्यादातर पानी वहीं है. महासागरों का जल स्तर बहुत तेजी से गिर जाएगा. इससे दुनिया भर के तटीय इलाकों (Coastal Areas) में रहने वाले लोग तुरंत बेघर हो जाएंगे. समुद्र के किनारे बसे बंदरगाह और सारा समुद्री व्यापार भी रुक जाएगा.

पानी का ज्यादा खारा होना
पानी की मात्रा कम होने से बचे हुए पानी का नमक बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. समुद्री जीव, जैसे मछलियां, कोरल रीफ (Coral Reefs) और छोटे जीव नमक के इस तेज बदलाव को सहन नहीं कर पाएंगे. इससे समुद्री जीवन का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा और लाखों तरह की प्रजातियां खत्म हो जाएंगी.

दुनिया का मौसम और तापमान बिगड़ जाएगा
पृथ्वी के तापमान को संतुलित रखने और बारिश के चक्र को चलाने में महासागरों की सबसे बड़ी भूमिका होती है. जब पानी की बड़ी मात्रा वाष्प बनकर हवा में नहीं जाएगी, तो वायुमंडल में गर्मी का अवशोषण कम हो जाएगा. महासागरों की मात्रा कम होने से पृथ्वी का औसत तापमान तेजी से बढ़ेगा, जिससे दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इतना गर्म हो जाएगा कि वहां रहना मुश्किल हो जाएगा.

बारिश का चक्र टूटना
महासागरों से कम वाष्पीकरण होने की वजह से बादल बनने और बारिश होने का चक्र लगभग खत्म हो जाएगा. दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में भयंकर सूखा पड़ जाएगा जिसके कारण खेती-बाड़ी पूरी तरह से रुक जाएगी.

मानव जीवन और भोजन का संकट
साफ पानी और भोजन की कमी से मानव जाति पर सबसे बड़ा खतरा आएगा. पीने और खेती के लिए जो साफ पानी उपलब्ध है, जैसे नदियां और झीलें, वे तेजी से सूख जाएंगे या उनका पानी गंदा हो जाएगा. इससे अरबों लोगों को पीने के पानी का गंभीर संकट झेलना पड़ेगा.

अकाल पड़ जाएगा
सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं होगा, जिसकी वजह से खेती और अनाज का उत्पादन बंद हो जाएगा. इसके कारण दुनिया भर में भयंकर अकाल पड़ेगा.

प्रवासी संकट
पानी और भोजन की कमी के चलते लोग बड़ी संख्या में सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन (Migration) करेंगे, जिससे दुनिया भर में सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ जाएगी.