8वें वेतन आयोग की बड़ी तैयारी; मंत्रालयों से मांगा वेतन-भत्तों का पूरा ब्यौरा, ऑनलाइन पोर्टल पर ही देनी होगी जानकारी

8th Pay Commission : आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बदलाव की सिफारिश करने से पहले ये जानना चाहता है कि सरकार फिलहाल वेतन और विभिन्न भत्तों पर कितना खर्च कर रही है. इसके लिए सभी मंत्रालयों और सरकारी संगठनों को आयोग के ऑनलाइन डेटा पोर्टल पर वेतन और भत्तों से जुड़ी पूरी डिटेल अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं.

आयोग ने इस जानकारी को अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की है. चूंकि इस प्रक्रिया में सैकड़ों सरकारी कार्यालयों और बड़ी मात्रा में वित्तीय आंकड़ों को अपलोड करना शामिल है. इसलिए ये देखना होगा कि सभी विभाग तय समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध करा पाते हैं या नहीं, आवश्यकता पड़ने पर आयोग समय सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है.

केवल ऑनलाइन पोर्टल पर ही होगी जानकारी स्वीकार
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मंत्रालयों और विभागों को जानकारी केवल उसके आधिकारिक ऑनलाइन डेटा पोर्टल पर ही अपलोड करनी होगी. किसी भी प्रकार की ऑफलाइन जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी, यानी मंत्रालय और विभाग फिजिकल फाइलें, एक्सेल शीट, प्रिंटेड दस्तावेज या ईमेल के जरिए कोई जानकारी नहीं भेज सकेंगे. आयोग केवल ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए डेटा को ही मान्य मानेगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य एक केंद्रीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है. इससे आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने में आसानी से आंकड़ों का विश्लेषण कर सके.

वेतन और भत्तों का विस्तृत ब्योरा मांगा
आयोग ने मंत्रालयों और विभागों से पिछले तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों का खर्च संबंधी विवरण मांगा है. इसमें वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के आंकड़े शामिल होंगे. डेटा में ये बताना होगा कि पे मैट्रिक्स लेवल-1 से लेकर लेवल-18 तक कर्मचारियों के वेतन और विभिन्न भत्तों पर कितना खर्च किया गया.

सरकारी खर्च का पूरा विवरण देना होगा
आयोग केवल मूल वेतन का आंकड़ा नहीं चाहता, बल्कि विभिन्न मदों में हुए खर्च का विस्तृत ब्योरा भी मांगा गया है. इसमें बेसिक पे, जहां लागू हो वहां मिलिट्री सर्विस पे, महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस, रेलवे कर्मचारियों के लिए रनिंग स्टाफ अलाउंस, नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस और कर्मचारियों को दिए जाने वाले अन्य सभी भत्तों का विवरण शामिल होगा. इसके अलावा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में भत्तों पर हुए कुल खर्च की जानकारी भी अलग से देनी होगी.

क्यों महत्वपूर्ण है ये प्रक्रिया?
ये डेटा कलेक्शन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. सरकार वर्तमान में विभिन्न वेतन स्तरों पर वेतन और भत्तों पर कितना खर्च कर रही है. इसका विश्लेषण करने के बाद आयोग भविष्य में वेतन संशोधन के वित्तीय प्रभाव का आकलन करेगा. इसी आधार पर आयोग संशोधित वेतनमान, विभिन्न भत्तों, सरकार पर पड़ने वाले कुल वित्तीय बोझ और लॉन्ग टर्म वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें तैयार करेगा.