आतंकी फंडिंग मामले में बड़ा खुलासा; करोड़ों का लेनदेन, 25 बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए पैसे

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सामने आए संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन और कथित आतंकी फंडिंग मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जांच में अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है, जबकि जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क से जुड़े कम से कम 25 बैंक खातों का इस्तेमाल धनराशि ट्रांसफर करने के लिए किया गया.

मामले की शुरुआत 23 मई को हुई, जब लखनपुर पुलिस ने कठुआ के जंगलोट इलाके के रहने वाले राहुल खान और उसकी पत्नी सपना को हिरासत में लिया. जांच के दौरान दोनों के खातों में करीब एक करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन और संभावित आतंकी फंडिंग एंगल की जांच शुरू की.

पूछताछ के दौरान राहुल खान से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उत्तराखंड तक छापेमारी का दायरा बढ़ाया. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरिद्वार में स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई करते हुए सोनम नामक महिला को हिरासत में लिया, जिसका नाम इस नेटवर्क में सामने आया था.

जांच एजेंसियों के अनुसार, सोनम ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसके बैंक खाते के जरिए लगभग 20 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए गए. इसके बदले उसे करीब दो लाख रुपये कमीशन मिला था। पुलिस का दावा है कि वह ऑनलाइन नौकरी की तलाश के दौरान इस नेटवर्क के संपर्क में आई थी. जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन, बैंक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.

सूत्रों के मुताबिक, जांच में दुबई, नेपाल और अन्य विदेशी कनेक्शनों की भी पड़ताल की जा रही है. एजेंसियों को आशंका है कि हवाला चैनलों और तथाकथित “म्यूल अकाउंट्स” के जरिए विदेशों से धन भारत भेजा जा रहा था और फिर उसे अलग-अलग खातों में बांटकर असली स्रोत को छिपाया जाता था. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद आतंकी संगठन अब पारंपरिक हवाला चैनलों के साथ-साथ डिजिटल ट्रांजैक्शन और बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

जांच एजेंसियां इसे “डिजिटल हवाला” का नया मॉडल मान रही हैं, जिसमें रकम को कई खातों में घुमाकर उसकी ट्रैकिंग मुश्किल बनाई जाती है. जांच में यह भी सामने आया है कि हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी फंडिंग मामलों में दुबई, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों से जुड़े हवाला नेटवर्क का खुलासा हो चुका है. इससे पहले भी सुरक्षा एजेंसियां विदेशी फंडिंग के जरिए राजौरी, पुंछ और कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने वाले मॉड्यूल्स पर कार्रवाई कर चुकी हैं.

फिलहाल लखनपुर पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगाल रही हैं. जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या यह केवल हवाला ट्रांजैक्शन का मामला है या इसके तार किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल और सीमा पार बैठे हैंडलर्स से भी जुड़े हुए हैं. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आतंक के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दबाव में आतंकी संगठन अब बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स, म्यूल अकाउंट्स और हवाला नेटवर्क के जरिए फंडिंग के नए रास्ते तलाश रहे हैं. कठुआ में हुई यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क पर अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.