बहुभोज में खाना खाने के बाद 300 से ज्यादा लोग बीमार, फूड प्वाइजनिंग की आशंका

मोकामा। प्रखंड के औंटा गांव में गुरुवार की रात आयोजित बहुभोज में विषाक्त भोजन करने से बीमार लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार तक मरीजों की संख्या 300 के पार पहुंच गई।

शनिवार को ही लगभग 150 नए मरीज दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बदन दर्द की शिकायत के साथ सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती हुए। मामला गंभीर होते देख 36 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औंटा में मेडिकल कैंप लगाया। औंटा और दरियापुर में अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है।

फूड प्वाइजिंग की आशंका को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति की चार सदस्यीय टीम ने फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर के नेतृत्व में भोजन के सैंपल ली। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके से पनीर, रसगुलल्ला, काला जामुन, पानी, मसाला, तेल आदि नमूना जब्त करते हुए जांच के लिए लैब को भेज दिया।

अधिकारियों के अनुसार, प्रथमदृष्टा पनीर व रसगुल्ला में गड़बड़ी की आशंका है। न्योता में आए कुछ लोगों को भी मिठाई दिया गया था, उनको भी यह उल्टी व दर्द की शिकायत है। बहुभोज में करीब 800 ग्रामीणों ने भोजन किया था।

शुक्रवार सुबह से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। शनिवार को स्थिति और गंभीर हो गई, जब मरांची पीएचसी, मोकामा ट्रामा सेंटर और कई निजी अस्पतालों में लगातार मरीज पहुंचते रहे। सबसे ज्यादा प्रभावित युवा और महिलाएं बताई जा रही हैं।

ट्रामा सेंटर और पीएचसी में गंभीर मरीज भर्ती
मोकामा ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों में नीलम देवी, पूजा कुमारी, अंकित कुमार, अमन कुमार, प्रियांशु कुमार, सुधा देवी, पिंकी कुमारी, चंचल देवी, अंजू देवी, मरनी देवी, निशा कुमारी, पार्वती देवी सहित कई लोगों का उपचार किया जा रहा है।

वहीं मरांची पीएचसी में शंभु ठाकुर, आरव कुमार, सुहानी कुमारी, खुशी कुमारी, अभिषेक कुमार, हर्ष कुमार, ज्योति कुमारी आदि का इलाज किया गया। दोनों अस्पतालों में मरीजों को सलाइन और आवश्यक दवाएं दी गई। ट्रामा सेंटर की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरती कुमारी और मरांची पीएचसी प्रभारी डॉ. पुरुषोत्तम कुमार की टीम लगातार इलाज में जुटी है।

निगरानी में रखे गए हैं 17 मरीज
मोकामा में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। कैंप में शनिवार को 80 मरीजों का इलाज हुआ, इनमें से 63 को छुट्टी दे दी गई, जबकि 17 मरीजों को विशेष निगरानी में रखा गया है।

हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।