मुनीर ने गुपचुप तरीके से कराया बेटी का निकाह, भतीजे को बनाया दामाद; बधाई देने पहुंचे ये सितारे

Asim Munir Daughter Wedding: पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर के घर पिछले हफ्ते शहनाइयां बजीं. आयोजन बेहद निजी था इसलिए इसकी खबर दुनियावालों को देर से लगी. आसिम मुनीर ने अपनी बेटी माहनुर की शादी अपने सगे बड़े भाई के साहिबजादे अब्दुर रहमान के साथ करवाई है. तमाम पाकिस्तानी पत्रकारों ने इस खबर की पुष्टि की है. आसिम मुनीर की बेटी की शादी सुरक्षा कारणों से बेहद गोपनीय तरीके से हुई. मुनीर की बेटी के निकाह में दावत खाने पहुंचे वीवीआईपी मेहमानों ने भी निकाह में शिरकत करने की खबर कहीं साझा नहीं की. आसिम मुनीर ने अपने सगे भतीजे अब्दुर रहमान, जिससे बेटी की शादी करवाई, वो पहले सेना में कैप्टन था. सिविल सर्विसेज में चयन होने पर उसने फौज की नौकरी छोड़ दी.

बेहद खास लोगों को न्योता- बधाई देने पहुंचे सितारे

मुनीर के बेहद करीबी फौजी अफसर रावलपिंडी में हुई निकाह सेरिमनी में शामिल हुए. कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई वेडिंग सेरिमनी में करीब 400 मेहमान पहुंचे थे. पाकिस्तानी मीडिया और पाकिस्तान के सोशल मीडिया हैंडल्स से मिली जानकारी के मुताबिक इस खास सेरिमनी में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, वजीर ए आजम यानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के साथ साथ कई बड़े सियासी चेहरे दूल्हा-दुल्हन को बधाई और दुआएं देने पहुंचे थे. वेडिंग सेरिमनी में कुछ रिटायर्ड आर्मी जनरल और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ भी मेहमान बनकर पहुंचे.

पाकिस्तान के कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर वीडियो अपलोड करके निकाह की पुष्टि की है. पाकिस्तानी मीडिया में ये खबर सुबह से छाई है कि मुनीर ने अपनी बेटी की शादी अपने बड़े भाई कासिम मुनीर के बेटे अब्दुर रहमान जो पाकिस्तान की प्रशासनिक सेवा में तैनात है उसके साथ करवाई है. अब्दुर रहमान पहले सेना में अफसर थे. पाकिस्तान में मिलिट्री अफसरों के लिए सिविल सर्विसेज में कोटा होता है. कोटे के चलते वो बतौर असिस्टेंट कमिश्नर काम कर रहा है.

दो सगे भाई अब समधी भी बन गए हैं. मुल्ला मुनीर के सेनाध्यक्ष बनते ही उसके परिवार की किस्मत तेजी से चमकी. साल 2025 पाकिस्तान के लिए भले भयानक और खौफनाक रहा हो लेकिन आसिम मुनीर, उनके परिजनों और उनके चट्टे-बट्टों के मजे ही मजे दिखे. मुनीर ने पहले फील्ड मार्शल का ओहदा लेने के लिए अपनी हुकूमत को ब्लैकमेल किया. फिर पाकिस्तान के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) की गद्दी संभाल ली.