35 करोड़ की पेशकश, 15 विधायकों के इस्तीफे और सरकार गिराने की साजिश! तमिलनाडु में राजनीतिक भूचाल, 3 गिरफ्तार

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा विवाद सामने आया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायक एन. इलैयाराजा ने दावा किया है कि उन्हें विधानसभा में प्रस्तावित एक अहम मतदान को प्रभावित करने के लिए 35 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरफ्तार आरोपियों के कथित तौर पर डीएमके नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी.अशोक कुमार से संबंध होने की बात कही जा रही है। एनडीटीवी की रिपोर्ट्स के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम के पीछे टीवीके के 15 विधायकों से इस्तीफा दिलाकर राजनीतिक समीकरण बदलने की कथित योजना भी शामिल थी।

शिकायत के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, विधायक एन. इलैयाराजा की शिकायत पर जांच शुरू की गई। सबसे पहले एक राजनीतिक परामर्श (कंसल्टेंसी) फर्म से जुड़े कर्मचारी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

35 करोड़ रुपये का ऑफर देने का आरोप
एन. इलैयाराजा ने आरोप लगाया कि इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IPDS) नामक संस्था से जुड़े एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने दावा किया कि वह एक प्रमुख राजनीतिक दल की ओर से बातचीत कर रहा है और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए जाने वाले प्रस्ताव में तय तरीके से मतदान करने के बदले 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की।

विधायक का कहना है कि उन्होंने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया। इसके बाद आरोपी ने उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

29 जून को दर्ज कराई थी शिकायत
इलैयाराजा ने 29 जून को चेन्नई पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत देकर बताया कि थिरुनावुक्करासु नामक व्यक्ति ने फोन पर संपर्क कर खुद को आईपीडीएस का प्रमुख बताया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फोन करने वाला राजनीतिक दलों की ओर से विधायकों से संपर्क कर रहा था और विधानसभा में होने वाले मतदान को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था।

TVK का आरोप- सरकार गिराने की थी तैयारी
टीवीके के मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने दावा किया कि यह केवल रिश्वत का मामला नहीं, बल्कि पार्टी को कमजोर करने और सरकार गिराने की बड़ी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके के कई विधायकों को दल-बदल के लिए 10 करोड़ से लेकर 50 करोड़ रुपये तक के ऑफर दिए गए।

निर्मल कुमार ने कहा कि सेंथिल बालाजी से जुड़े लोग और तथाकथित ‘करूर गैंग’ इस पूरे प्रकरण में सक्रिय थे। उन्होंने मांग की कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें एआईएडीएमके नेतृत्व के साथ मिलकर विजय के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही थीं।

DMK ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
उधर, डीएमके ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी के प्रवक्ता ए. सरवनन ने कहा कि टीवीके जांच से जुड़ी सूचनाएं सार्वजनिक कर राजनीतिक माहौल गरमाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, यदि सरकार के पास किसी भी नेता के खिलाफ ठोस सबूत हैं तो कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तारी करे, केवल आरोप लगाने से सच्चाई साबित नहीं होती।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे कथित राजनीतिक षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।