Russia Ukraine War: यूक्रेन पर रूस के बड़े हमलों के बाद पोलैंड और एस्टोनिया ने भी लगभग जंग की तैयारी कर ली है. बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात (28 सितंबर) पोलैंड ने विमानों को अलर्ट पर भेजा और दक्षिण-पूर्वी शहरों ‘ल्यूब्लिन और रेजजोव’ के ऊपर का हवाई क्षेत्र अगले दिन यानी रविवार सुबह 4 बजे तक बंद कर दिया. हालांकि पोलैंड ने इसे ‘राज्य सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़ी अचानक सैन्य गतिविधि’ बताया है. ‘फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस Flightradar24’ ने भी हवाई क्षेत्र बंद किए जाने की पुष्टि की.
दरअसल रूस ने शनिवार रात यूक्रेन पर बड़ा हमला किया. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, मास्को ने करीब 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई. सबसे बड़ा हमला कीव पर हुआ. कीव के मेयर विटाली क्लिचको ने बताया कि एक ड्रोन के मलबे से पांच मंजिला इमारत का हिस्सा गिर गया.
पोलिश सेना ने कहा कि रूस के हमले के चलते उनके और सहयोगी देशों के विमान हवाई क्षेत्र में एक्टिव हो गए हैं. सेना ने इसे ‘सावधानी के तौर पर उठाया गया कदम’ बताया ताकि नागरिक सुरक्षित रहें. पोलैंड की सेनाओं ने यह भी पुष्टि की कि नाटो के विमान भी इस कार्रवाई में शामिल हुए. इसके अलावा डेनमार्क का कहना है कि हाल के दिनों में उसके हवाई अड्डों के ऊपर भी ड्रोन देखे गए.
यह पहला मौका नहीं है जब रूस की गतिविधियों ने नाटो देशों को सतर्क किया हो. इससे पहले-
9 सितंबर को पोलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र में घुसे रूसी ड्रोन को मार गिराया था.
14 सितंबर को रोमानिया ने भी इसी तरह का उल्लंघन बताया.
एस्टोनिया ने रूसी लड़ाकू विमानों के बिना इजाजत 12 मिनट तक हवाई क्षेत्र में रहने के बाद नाटो से तत्काल परामर्श मांगा.
रूस ने आरोपों का किया बचाव
जेलेंस्की ने रूस पर नाटो देशों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया. 20 सितंबर को ब्रिटेन ने पोलैंड के ऊपर ड्रोन उल्लंघन के बाद नाटो मिशन के तहत फाइटर जेट भेजे थे. हालांकि रूस ने कहा है कि उसका पोलैंड पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है.