नेपाल के धनुषा में मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद मुस्लिमों के विरोध प्रदर्शन के बीच हिन्दू संगठन के प्रदर्शन को देखते हुए बीरगंज में निषेधाज्ञा लगाया गया हैके बीच, एक हिंदू संगठन ने विरोध किया. इसी बीच हिंदुओं ने प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई.आज दोपहर एक बजे से बीरगंज महानगर में जिला प्रशासन द्वारा कर्फ्यू के आदेश जारी किए जाने के बावजूद, हिंदुओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी रखा. प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की.
पुलिस के अनुसार, मकालू चौक क्षेत्र में स्थिति वर्तमान में संवेदनशील है. प्रशासन ने जनता से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करने और शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है. इसके पहले रविवार (4 दिसंबर) को भारत-नेपाल सीमा के पास बीरगंज में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के लिए उतर आए थे. ऐसे में कानून व्यवस्था को काबू में करने के लिए पुलिस टीम को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी थी.
क्या था मामला?
रविवार को नेपाल के धनुषा में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, जब स्थानीय हिन्दुओं ने एक मुस्लिम युवक ने टिकटॉक वीडियो का विरोध करते हुए सुखा मस्जिद में घुसकर तोड़फोड़ कर दी थी. हिन्दू समुदाय के इस तोड़फोड़ के जवाब में मुस्लिम समुदाय के प्रदर्शनकारी युवकों ने पूरे मधेश में उग्र प्रदर्शन किआ और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
प्रदर्शन की वजह से रुक गया था ट्रैफिक
धनुषा में मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई और सीमावर्ती इलाके में बड़ा प्रदर्शन किया. वहीं इस बीच बिगड़े हालातों के बीच सुरक्षा वजहों से दोनों देशों की सीमा पर कुछ देर तक आवागमन भी ठप रहा. हालांकि रविवार को प्रशासन सतर्क था जिसकी वजह से हालात पर आसानी से काबू कर लिया गया था. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोगबनी से सटे नेपाल के रानी भंसार क्षेत्र में विशेष समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था.
तनावपूर्ण माहौल के बावजूद स्थिति प्रशासन के नियंत्रण में थी
हंगामे के बाद मुस्लिम समुदाय के हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय सीमा की सुरक्षा के मद्देनजर एसएसबी के जवानों और जोगबनी थाना पुलिस ने एहतियातन चौकसी बढ़ा दी गई थी. इस प्रदर्शन के दौरान दोनों देशों की ओर से आने और जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई थी. जिससे भारत की सीमा क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. भारत-नेपाल सीमा पर प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा. थोड़ी देर बाद जब मामला ठंडा पड़ा तो ट्रैफिक सामान्य हो गया.